देहात में कोरोना संक्रमितों को लेने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम (फाइल)
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने आगरा जनपद में रोज 10 हजार मरीजों की जांच का लक्ष्य दिया था। पिछले सप्ताह पथौली में निरीक्षण किया। सात दिन बाद जांचें तो बढ़ गईं, फिर भी सैंपलिंग लक्ष्य से पीछे है। रविवार को सबसे ज्यादा 8109 लोगों की जांच की गई।
दूसरी लहर का कहर कम होने के बाद प्रशासन ने जांचें बढ़ाई हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रोज पांच-पांच हजार लोगों की कोरोना संक्रमण की जांच का लक्ष्य है। पिछले सात दिनों में पहली बार रविवार को आठ हजार लोगों की जांच की गई। 21 मई को सिर्फ 5038 लोगों की जांचें हुई थी। हालांकि संक्रमण के नए मामलों में कमी आई है, लेकिन कोविड संदिग्ध बढ़ गए हैं। आरटी-पीसीआर की बजाय एंटीजन टेस्ट अधिक हो रहे हैं। जबकि संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी है।
सीटी स्कैन से हो रही पुष्टि
शहर से लेकर गांवों तक बड़े पैमाने पर ऐसे मरीज हैं, जिनमें संक्रमण की पुष्टि फेफड़ों की सीटी स्कैन जांच से हो रही है। इन्हें कोविड संदिग्ध श्रेणी में रखा है। इसके अलावा डी-डायमर व खून की आरसीपी जांचों से भी मरीजों में संक्रमण के लक्षण सामने आ रहे हैं।
15 ब्लॉकों पर लगाई टीमें
देहात में 15 ब्लॉकों में सैंपल टेस्ट और डेटा फीडिंग के लिए 15 टीमें लगाई हैं। साथ ही सैंपलिंग के लिए 100 मोबाइल वैन 15 ब्लॉक में गांव-गांव घूम रही हैं।
जांच में लगता है समय
सैंपल की जांच में समय लगता है। जांचें बढ़ाई जा रही हैं। शहर व देहात में लक्ष्य के मुताबिक जांचें कराई हैं।
- प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
देहात में कोरोना: संक्रमण की चपेट में आईं 169 ग्राम पंचायतें, मिले 500 से अधिक मरीज