जमातियों के बाद कोरोना संक्रमण फैलने का दूसरा खतरा अस्पतालों से बन गया है। इनमें निजी और सरकारी दोनों तरह के अस्पताल हैं। चिकित्सकों ने संकट की इस घड़ी में मरीजों का उपचार किया लेकिन अनजाने में संक्रमित लोग भी अस्पताल पहुंच गए। उनके कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट बाद में आई।
इससे पहले उनके संपर्क से चिकित्सक, अस्पताल का स्टाफ और अन्य लोग संक्रमित हो गए। कुल संक्रमितों की संख्या 17 पर पहुंच गई है। इनमें कमला नगर के अस्पताल से पिता-पुत्र संक्रमित मिले। हालांकि इनमें पुत्र विदेश से लौटा था। प्रशासन अस्पतालों से संक्रमण रोकने के लिए नए सिरे से योजना बना रहा है।
नामनेर के अस्पताल से छह संक्रमित हुए
सबसे पहले चिकित्सक पिता-पुत्र को संक्रमण हुआ। उनका उपचार गुरुग्राम के मेदांता में चल रहा है। इसके बाद दो कर्मचारी संक्रमित पाए गए। फिर एक कर्मचारी के दो परिजन भी चपेट में आ गए। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमित कोई मरीज उपचार के लिए आया। वह कौन था, कहां से आया था, स्वास्थ्य विभाग इसका पता लगाने की कोशिश में लगा है।