जालंधर से सोमवार सुबह आगरा आए कोरोना संदिग्ध पिता-पुत्र को उनके घर से ले जाकर रैपिड एक्शन टीम ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वे यहीं के रहने वाले हैं। लखनऊ कंट्रोल रूम से उनके आने की सूचना पर प्रशासन तेजी से हरकत में आया।
घर से पहले रेलवे स्टेशन पर दोनों की तलाश की गई लेकिन वहां नहीं मिले थे। स्क्रीनिंग व सैंपलिंग के बाद 24 घंटे के लिए दोनों को आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
60 वर्षीय पिता और 34 वर्षीय पुत्र व्यवसायी हैं। दोनों व्यापार के सिलसिले में पंजाब के जालंधर गए थे। आशंका है कि वहां दोनों किसी संक्रमित रोगी के संपर्क में आए परंतु जालंधर में जांच नहीं कराई। जालंधर से समता एक्सप्रेस से आगरा चले आए।
लखनऊ कंट्रोल रूम से मिली सूचना
पंजाब से लखनऊ कंट्रोल रूम में यह सूचना पहुंची। लखनऊ से आगरा कंट्रोल रूम को अलर्ट किया। डीएम प्रभु एन सिंह ने दोनों को ट्रेस करने के लिए चार रैपिड रिस्पांस टीमें लगाई। डीएम ने बताया कि दोनों को भर्ती करा दिया गया है।
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सतीश वर्मा ने बताया कि पिता-पुत्र की स्क्रीनिंग की गई है। दोनों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। 24 घंटे तक इन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा।
मोबाइल लोकेशन से ट्रेस किया
कैंट रेलवे स्टेशन पर टीम इंतजार करती रही। पिता-पुत्र टीम की नजरों में नहीं आए और अपने घर पहुंच गए। इसके बाद मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों को घर से ट्रेस किया गया।
वार्ड के बाहर पुलिस का पहरा
कोराना वायरस संदिग्ध मरीज जिला अस्पताल से न भाग जाए इसके लिए वार्ड के बाहर पुलिस का पहरा है। चार सिपाही मरीजों पर 24 घंटे नजर रखने को आइसोलेशन वार्ड पर तैनात किए हैं।
रेलवे अधिकारी पर दर्ज हो चुका है केस
इससे पहले बंगलुरू से आई रेलवे अधिकारी की बेटी बगैर परीक्षण कराए घर चली गई थी। घर पर टीम पहुंची तो पिता ने झूठ बोल दिया कि वह दिल्ली जा चुकी है। बाद में जांच रिपोर्ट आई तो युवती कोरोना पॉजिटिव मिली। इस पर पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
रेलवे दफ्तर में कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की गई
रेलवे अधिकारी की बेटी में कोरोना मिलने के बाद रेलवे के दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों की भी स्क्रीनिंग की गई है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दफ्तरों को सेनेटाइज भी किया। युवती जिस गतिमान ट्रेन से आई थी, उसके 40 यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।