फिरोजाबाद में कोरोना वायरस की जांच कराते लोग
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फिरोजाबाद में कोरोना संक्रमण के हालात दिनों-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। सोमवार को तीसरी लहर में सर्वाधिक 190 मरीज मिले हैं। वहीं, तीनों लहरों की तुलना करें तो पहली कोरोना के सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 759 के पार पहुंच गया है। हालांकि कोई भी मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं हैं। मरीजों की रिपोर्ट आने के बाद होम आईसोलेट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दिनों दिन बढ़ती मरीजों की संख्या को देखकर सर्तकता और बढ़ाने के लिए कहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से कोरोना के नियमों का पालन कराने के लिए जनपद में कहीं भी सख्ती नहीं देखी जा रही है।
घनी आबादी में मिल रहे मरीज
कोरोना के मामले अब पॉश कॉलोनियों के अलावा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी निकल रहे हैं। एक सप्ताह में कुल सैंपलों के मुताबिक संक्रमण दर 5.31 प्रतिशत हो गई है। शहर के मोहल्ला गुरु नगर में दो मरीज मिले हैं। मथुरा नगर स्थित एक प्रमुख चिकित्सक की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित आई है। जज कंपाउंड दबरई में दो और मरीज सामने आए हैं। एफएम सिटी में सात और नए मरीज मिले हैं। तिलक नगर, हनुमान गंज, जैन नगर, महावीर नगर, बघेल कॉलोनी, चतुर्वेदी कंपाउंड, गणेश नगर, आगरा गेट में कोरोना के केस मिलने का क्रम बरकरार है। वहीं, शहर की घनी आबादी शहर की ताड़ो वाली बगिया, हाजीपुरा, कश्मीरी गेट गली नंबर छह, नगला मिर्जा बड़ा, बंबा चौराहा, टापा कला, सत्यनगर, जाटवपुरी में भी कोरोना दस्तक दे चुका है। यहां मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। गांव भी तीसरी लहर में कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। पैंगू में छह मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
देहात में भी मिले मरीज
देहात में गढ़ी हंसराम, अरांव, एका, बैजुआ खास, गुदांऊ, दुर्गा नगर, प्रेमपुर आनंदीपुर, बछेला बछेली, नैपई, पचोखरा, जाटऊ, सराय भरथरा, सिरसागंज, नगला उदी, उसायनी, मक्खनपुर नई बस्ती में कोरोना के बढ़ते मामले के कारण प्रशासन चिंता में हैं। शिकोहाबाद के मोहल्ला कटरा मीरा, शंभू नगर, बड़ा बाजार, फ्रेंड्स कॉलोनी, स्टेशन रोड, पर भी कोरोना के केस मिले हैं। एका स्वास्थ्य केंद्र तैनात चिकित्सक और जिला अस्पताल मे तैनात एक कर्मचारी कोरोना का शिकार हुआ है।
प्रभारी सीएमओ डा. दिनेश प्रेमी ने बताया कि कोरोना के मामले लगतार बढ़ रहे हैं। 759 एक्टिव केस हो गए है। मरीजों को अब मास्क लगाने की आवश्यकता है। अभी अस्पताल में मरीज भर्ती नहीं है।
चिकित्सक को राहत, कंट्रोल रूम पर बढ़ा लोड
कोरोना मरीज अस्पताल में भर्ती न होने के कारण चिकित्सकों को राहत है। स्वास्थ्य सेवाओं में आपाधापी की स्थिति नहीं हैं। कंट्रोल रूम का भार बढ़ गया है। शिक्षक मरीजों से उनके लक्षण पूछ रहे हैं। रिपोर्ट की जानकारी दे रहे हैं। शुरुआत में मरीजों की संख्या कम थी तो मरीजों को क्वारंटीन समय में प्रतिदिन फोन करके हालचाल पूछा जा रहा था। अब मरीजों की संख्या ज्यादा हो गई है तो एक बार ही उनके लक्षण पूछे जा रहे हैं। हालांकि सैंपल देने के बाद जब तक रिपोर्ट आती है, तब तक आइसोलेट होने का आधे से ज्यादा समय पूरा हो जाता है।