सात दिनों में और आया सुधार कुल नमूनों में से संक्रमित
| 20 सितंबर |
5.98 फीसद |
| 21 सितम्बर |
5.95 |
| 22 सितम्बर |
5.83 |
| 23 सितम्बर |
4.74 |
| 24 सितम्बर |
4.40 |
| 25 सितम्बर |
4.04 |
| 26 सितम्बर |
3.52 |
| 27 सितम्बर |
3.00 |
ये है बचाव का मंत्र
1. 55 टीमों का गठन : जिले में 55 रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) गठित की गईं। ये 24 घंटे काम करती हैं।
2. सहयोगी टीम का गठन : दूसरी टीम संक्रमित के नजदीकी संपर्क के लोगों की स्क्रीनिंग करती है और नमूने लेती है।
3. घरों का सैनिटाइजेशन : नगर निगम की टीम संक्रमित के घर जाकर सैनिटाइजेशन करती है।
4. शहर का सैनिटाइजेशन : दमकल की टीमों ने शहर में बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन किया।
5. निष्पक्ष मूल्यांकन : तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) से निरीक्षण कर बचाव कार्य का मूल्यांकन कराया गया।