आगरा में पंचायत चुनाव के बाद संक्रमण की रफ्तार पांच गुनी से अधिक हो गई। इस भयावह सच्चाई को बताती है चुनाव के बाद मिले संक्रमितों की संख्या। एक अप्रैल से लेकर 15 अप्रैल तक 15 दिन में आगरा में जहां 1612 संक्रमित मिले थे, वहीं 15 अप्रैल को आगरा में पंचायत चुनाव के बाद 16 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक अगले 15 दिनों में 8119 संक्रमित मिले हैं।
पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से ही इसको लेकर गहमागहमी शुरू हो गई थी। साथ ही जनसंपर्क से लेकर बैठकों तक अन्य कवायद भी शुरू हो गईं थीं। इसी दौरान आगरा में संक्रमण की दूसरी लहर शुरू हो चुकी थी। यहां प्रतिदिन मिलने वाले संक्रमितों का औसत 50 के आसपास चल रहा था। चुनाव की गहमागहमी के बीच ये औसत 100 मरीज प्रतिदिन के आसपास पहुंच गया। एक अप्रैल से लेकर 15 अप्रैल तक 15 दिन में 1612 संक्रमित मिले।
15 अप्रैल को चुनाव हुए और मरीजों का ग्राफ एकदम बढ़ गया। 16 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक अगले 15 दिनों में 8119 संक्रमित मिले और ये औसत 540 मरीज प्रतिदिन पहुंच गया। इन्हीं 15 दिनों के भी चुनाव कार्य में लगे कई शिक्षक कोरोना संक्रमण का शिकार हुए और इनमें से कुछ की मौत भी हुई। तीन प्रधान प्रत्याशियों सहित अन्य ग्रामीणों की भी कोरोना से मौत हुई और इसके अलावा संक्रमितों की संख्या भी बहुत ज्यादा है।
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