संक्रमण के बीच एक राहत की खबर है। एसएन में अब कोई गंभीर मरीज नहीं। पहली बार आईसीयू और वेंटिलेटर खाली हैं। 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड में सिर्फ 18 कोरोना मरीज हैं। इनमें 90 फीसद मरीजों को कोई तकलीफ नहीं है।
अनलॉक में तीन दिन में किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई। जबकि इससे पहले 27 दिन में 42 मरीजों ने दम तोड़ा था। इधर, एसएन में गंभीर मरीजों में कमी आई है। फिलहाल कोई ऐसा गंभीर मरीज भर्ती नहीं है जिसे आईसीयू या वेंटिलेटर देना पड़े। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि जो 18 मरीज भर्ती हैं, उनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं। इसके अलावा करीब 85 मरीज प्राइवेट कोविड केयर सेंटर में उपचार ले रहे हैं।
एल-2 और एल-3 श्रेणी मरीज होते हैं गंभीर
डीएम ने बताया 60 साल से अधिक उम्र और कैंसर, डायबिटीज, किडनी रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इन्हें एल-2 और एल-3 श्रेणी में रखा जाता है। ये गंभीर मरीजों की श्रेणी है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।