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दीवानी गेट से ही लौटाए गए वादकारी

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17एमएनपी-09-दीवानी गेट पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी मास्क लगाए नजर आए - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। कोरोना वायरस के चलते हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मंगलवार को दीवानी गेट से ही वादकारियों को लौटाया गया। दीवानी पहुंचे वकीलों और मुंशियों को ही दीवानी में प्रवेश करने दिया गया। वादकारियों को प्रवेश नहीं मिलने से पूरे दिन गेट के बाहर वादकारियों की भीड़ जमा रही।
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कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते हाईकोर्ट ने दीवानी न्यायालयों में वादकारियों की भीड़ कम करने को कहा है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के निर्देश के बाद मंगलवार की सुबह जिला जज तेज प्रताप तिवारी ने न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक करके न्यायालय परिसर में भीड़ कम करने पर चर्चा की। निर्णय लिया गया कि दीवानी में वादकारियों की भीड़ कम की जाए। जिला जज के निर्देश के बाद एसपी अजय कुमार पांडेय ने दीवानी गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों को किसी भी वादकारी को दीवानी में प्रवेश नहीं देने की हिदायत दी। एसपी का निर्देश मिलते ही मुख्य द्वार पर तैनात पुलिस कर्मियों ने वादकारियों को गेट पर ही रोक दिया। न्यायालय परिसर में केवल वकीलों और मुंशियों को ही प्रवेश दिया गया। वादकारियों को गेट के बाहर रोकने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। वादकारियों से पुलिस कर्मियों की कहासुनी भी हुई। एएसपी ओपी सिंह ने दीवानी पहुंचकर पुलिस कर्मियों को चौकसी बरतने की हिदायत दी।
जरूरी मामलों की होगी सुनवाई
अदालतों में केवल जरूरी मामलों की ही सुनवाई होगी। जमानत और स्टे के प्रार्थना पत्रों पर ही सुनवाई की जाएगी। शेष फाइलों में यथा स्थिति बनाए रखते हुए केवल तारीख दी जाएगी। किसी भी वादकारी के खिलाफ कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा।
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21 मार्च तक प्रभावी रहेगा आदेश
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जिला जज को भेजे पत्र में कहा है कि आदेश 21 मार्च तक प्रभावी रहेगा। शासन के मुख्य सचिव को दिए आदेश में कहा है कोरोना से बचाव के लिए डीएम और एसपी न्यायालय परिसर में प्रभावी व्यवस्था कराएं। सीएमओ भी अपने स्तर से दीवानी परिसर में बचाव के लिए व्यवस्था कराएं।
अस्थायी जमानत पर छोड़े जाएं बंदी
मैनपुरी बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की मंगलवार को एसोसिएशन के सभागार में बैठक हुई। बैठक में जिला जज से मांग की गई कि जिन बंदियों की जमानतें मंजूर हो चुकी हैं। उनके जमानत के कागजों के आधार पर बंदियों को निजी मुचलके पर अस्थायी जमानत पर रिहा किया जाए। जिला जज ने इस संबंध में हाईकोर्ट से राय लेने के बाद कार्रवाई कराने का भरोसा दिया है। अध्यक्ष अजय कृष्ण पांडेय, सचिव ब्रजेंद्र सिंह यादव, उपाध्यक्ष मुनेंद्र सिंह यादव, शिवम कटियार, दिनेश दीक्षित, अनुज त्रिपाठी, आलोक चौहान, प्रदीप यादव मौजूद रहे।
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