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सलाह: वैक्सीन की दूसरी डोज देर से लगने में परेशानी नहीं, लगवानी जरूरी, शरीर में पहली से भी बनती है एंटीबॉडी

Wed, 19 May 2021 12:29 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

डॉ. प्रभात अग्रवाल की सलाह है कि वैक्सीन की दूसरी डोज देर से लगने में भी कोई परेशानी नहीं है। पहले डोज से भी शरीर में एंटीबॉडी बनती है। दूसरी डोज जरूर लगवानी चाहिए।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. प्रभात अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकार ने कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बीच का अंतराल बढ़ा दिया है। वहीं, वैक्सीन की कम उपलब्धता पर लोगों को निर्धारित समय पर दूसरी डोज नहीं लग पाई तो परेशान हो गए।

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लोग चिकित्सकों से परामर्श कर रहे हैं कि उन्हें कोई परेशानी तो नहीं होगी। एसएस मेडिकल कॉलेज के वाह्य रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात अग्रवाल की सलाह है कि वैक्सीन की दूसरी डोज देर से लगने में भी कोई परेशानी नहीं है। पहले डोज से भी शरीर में एंटीबॉडी बनती है। दूसरी डोज जरूर लगवानी चाहिए। डॉ. प्रभात अग्रवाल ने अमर उजाला के पाठकों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए। 

सवाल - मुझे कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, क्या अमेरिका की तरह यहां भी बिना मास्क लगाए घूम सकते हैं?
जवाब: अमेरिका में लोगों को फाइजर वैक्सीन लगी है। भारत की वैक्सीन दूसरी है। वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क लगाना जरूरी है।

सवाल: क्या कोरोना वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमण हो सकता है?
जवाब:  हो सकता है। हल्के लक्षण आते हैं। अस्पताल जाने की नौबत नहीं आती है।

सवाल: मुझे पिछले महीने कोरोना हुआ था, अब कब तक बचा रह सकता हूं?
जवाब: छह से नौ माह इम्यूनिटी रहती है। इस अवधि में संक्रमण की संभावना नहीं रहती। फिर भी एहतियात बरतना चाहिए।

सवाल: कोरोना संक्रमित होने के बाद एसी चला सकता हूं?
जवाब: एसी चला सकते हैं। 26 डिग्री से ऊपर तापमान रखना चाहिए। 
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सवाल: कोरोना के इलाज में फेबिफ्लू की क्या भूमिका है?
जवाब: अध्ययन में सामने आया है कि इसका कोई रोल नहीं है। इसका कोई फायदा नहीं। बस पैसे के बर्बादी है। 

सवाल: कोरोना संक्रमितों के इलाज में प्लाज्मा की क्या भूमिका है?
जवाब: एसएन में मरीजों के इलाज में प्लाज्मा का ट्रायल किया गया। परिणाम आया कि इसकी कोई भूमिका नहीं है। आईसीएमआर ने प्लाज्मा को कोरोना के इलाज से हटा दिया है। 

सवाल:  कोरोना के दौरान लंग्स में निमोनिया की वजह से फेफड़े चिपक (फाइब्रोसिस) जाते हैं। किसी दवा से ठीक हो सकते है?
जवाब: ऐसी कोई दवा नहीं है। पिछले वर्ष जिसको कोरोना हुआ था। सभी अपने आप ठीक हो गए। 

सवाल: कोरोना इलाज के दौरान डायबिटीज हो गई, कैसे ठीक होगी? 
जवाब: यह दो-तीन माह में अपने आप ठीक हो जाएगी। स्टेरॉइड देने से समस्या हो जाती है।

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