कोरोना वैक्सीन लगवाते कर्मचारी (फाइल फोटो)
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एक अप्रैल से 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगेगा। अभी इस उम्र के बीमार लोगों को ही टीका लगाया जा रहा था। इसके लिए 225 बूथों पर व्यवस्था की गई है। सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि 45 साल से अधिक उम्र के लोग आधार कार्ड लेकर बूथों पर पंजीकरण कराने के बाद टीका लगवा सकते हैं। इनकी संख्या करीब 10 लाख है।
अभी तक बुजुर्ग और विभिन्न बीमारी से जूझ रहे 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही टीका लग रहा था। अब ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। ऑनलाइन पंजीकरण की भी व्यवस्था है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों को टीकाकरण कराने के लिए सुबह नौ से 11 बजे तक प्राथमिकता दी जाएगी। अभी तक 133 बूथों पर ही टीकाकरण हो रहा था, लोगों की संख्या बढ़ते देख अब 92 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को भी टीकाकरण के लिए बूथ बनाया गया है।
बबलू कुमार ने लगवाई दूसरी डोज
आगरा में एसएसपी रहे बबलू कुमार ने मंगलवार को जिला अस्पताल में कोरोना वायरस की वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई है। इन्होंने पहली डोज 28 दिन पहले लगवाई थी।
दयालबाग-कमला नगर, आवास विकास फिर बने चुनौती, 11 दिन में 55 मरीज मिले
कोरोना वायरस की महामारी में दयालबाग, कमला नगर और आवास विकास कॉलोनी में सबसे ज्यादा संक्रमित पाए गए। संक्रमण की दूसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग के लिए फिर से यह कॉलोनियां चुनौती बन गए हैं। इनमें 11 दिन में 55 मरीज मिले हैं।
दयालबाग, कमला नगर और आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र में संक्रमण के फिर से मामले मिल रहे हैं। बीते 11 दिन में 141 मरीज मिले हैं, इसमें से 55 मरीज इन्हीं दो कॉलोनियों के हैं। इनमें 17 महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि कुल संक्रमित मरीजों में से 40 फीसदी इन्हीं तीन कॉलोनी से मरीज मिले हैं, कोरोना वायरस की दूसरी लहर में फिर से यहां संक्रमण अन्य कॉलोनियों के मुकाबले दोगुना है। संक्रमित मरीज मिलने के बाद संपर्क में आए 25 लोगों की ट्रैकिंग कर नमूने की जांच भी कराई जा रही है।
ये लापरवाही न पड़ जाए भारी
सार्वजनिक स्थलों, दफ्तरों, बाजारों में न दो गज की दूरी का पालन हो रहा और मास्क भी बहुत कम लोग लगा रहे हैं। सुभाष नगर, दयालबाग, विजय नगर, आवास विकास कालोनी जैसे नए कंटेनमेंट जोन बन चुके हैं, लेकिन लोग फिर भी लापरवाही बरत रहे हैं। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन मंगलवार को कम लोग ही मास्क लगाए मिले वहीं सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं किया जा रहा था।