आगरा के निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज का साढ़े छह लाख का बिल बनाया है। परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत हो गई है, लेकिन रुपये के लिए वेंटिलेटर पर मरीज को रखा हुआ है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से की है।
नगला बूढ़ी क्षेत्र निवासी 41 साल के चांदी कारीगर को सांस लेने में परेशानी होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज ट्राएज ओपीडी में पांच जून को दिखाया था। यहां उनको भर्ती कर नमूना लिया गया।
जांच में रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। परिजनों का आरोप है कि यहां इलाज बेहतर न होने पर आठ जून को सिंकदरा स्थित एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां ढाई से तीन लाख रुपये का खर्च बताया गया।