दिवंगत दरोगा को पुलिसकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि
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एटा जिले के एक थाने में तैनात दरोगा 15 दिन पहले बीमार होने पर आगरा इलाज कराने चले गए थे। यहां पर एक निजी अस्पताल में भर्ती होने पर कराई गई जांच में निगेटिव निकले, लेकिन तबियत में सुधार नहीं होने पर मथुरा के निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। जहां उनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। शनिवार की शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
60 वर्षीय दरोगा को 26 जून को बुखार आने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर दिखाया गया। यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया, वहां से आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। 27 जून को परिजन एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे और यहां पर कोरोना की जांच कराई गई, जो निगेटिव आई थी।
वहां चार दिन इलाज के बाद भी दरोगा की तबियत में सुधार नहीं हुआ तो एक जुलाई को परिजन मथुरा के नयति हॉस्पिटल में ले गए। यहां पर कोरोना का नमूना लिया गया और चार जुलाई को आई रिपोर्ट में वो पॉजिटिव पाए गए। शनिवार की शाम को दरोगा की मौत हो गई।
मूलरूप से अलीगढ़ के रहने वाले थे
दरोगा मूल रूप से अलीगढ़ जिले के रहने वाले थे। आगरा स्थित मकान में परिजनों संग रहते थे। नवंबर 2020 में सेवानिवृत्त होने वाले थे, उससे पहले कोरोना ने उनकी जान ले ली।
थाना प्रभारी निरीक्षक केके बालियान ने बताया कि यहां पर उप निरीक्षक में कोरोना के लक्षण नहीं थे और आगरा में भी जांच के दौरान निगेटिव पाए गए। फिर भी सुरक्षा के लिहाज से सभी को अवगत करा दिया गया है कि अगर किसी को कोई लक्षण महसूस हो तो स्वास्थ्य परीक्षण जरूर कराएं।
रविवार को थाना परिसर में पुलिसकर्मियो ने दिवंगत दरोगा को श्रद्धांजलि अर्पित कर आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान एसएचओ क्राइम रामअवतार सिंह, देवराज सिंह, एसपी सिंह, रामकिशोर, लेनिन गौतम, रुचिन मलिक, अमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।