कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने में लापरवाही बरती जा रही है। जांच में रिपोर्ट निगेटिव है और पोर्टल पर पॉजिटिव दर्शा दी है। इससे लोग परेशान हैं और कंट्रोल रूम में शिकायत भी कर रहे हैं। सप्ताह में ऐसे दो-तीन मामले आ रहे हैं।
केस एक:
आवास विकास कॉलोनी के 32 साल की महिला निजी स्कूल में शिक्षक हैं, स्कूल खुलने से पहले उन्होंने कोरोना की जांच कराई, रिपोर्ट निगेटिव थी। जांच के दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फोन पर पॉजिटिव रिपोर्ट बताकर हालचाल जाना। उन्होंने खुद की रिपोर्ट निगेटिव बताई। फोन नंबर से मिलान करने पर गड़बड़ी पकड़ी, फिर उसे ठीक किया।
केस दो:
दयालबाग में 46 साल के बैंककर्मी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। पोर्टल पर जांच की तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव दर्ज थी। रैपिड रिस्पांस टीम का भी फोन पहुंचा, जब उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में निगेटिव है तो पोर्टल पर कैसे पॉजिटिव आई। उनके फोन नंबर और तारीख से मिलान किया तो रिपोर्ट निगेटिव ही थी। पोर्टल पर गलत दर्ज हो गई थी।