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आगरा में कोरोना: कोविड अस्पतालों में आईसीयू फुल, वेंटिलेटर की कमी से चिंताजनक हैं हालात

Mon, 14 Sep 2020 01:01 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आगरा में कोरोना संक्रमित मरीज बढ़ने से कोविड अस्पतालों में आईसीयू फुल हो चुके हैं। निजी अस्पताल हों या सरकारी, वेंटिलेटर की कमी के कारण स्वास्थ्य से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। 
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आगरा में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए कम से कम 200 वेंटिलेटर होने चाहिए, लेकिन शहर में निजी और सरकारी अस्पतालों में केवल 60 वेंटिलेटर हैं। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) में अगले दो दिनों में 34 वेंटिलेटर और बढ़ जाएंगे, लेकिन तब भी आधे से कम वेंटिलेटर ही रहेंगे।

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अगस्त के मुकाबले सितंबर में संक्रमण की दर ढाई गुना तेज हुई है। 11 सितंबर तक 854 मरीज मिल चुके हैं। इससे सरकारी और निजी अस्पतालों के आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) फुल हो चुके हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में 24 वेंटिलेटर, जिला अस्पताल में छह और निजी तीन अस्पतालों में 30 वेंटिलेटर का आईसीयू संचालित हो रहा है। 


निजी क्षेत्र के साथ सरकारी अस्पतालों में कोरोना की रफ्तार देखते हुए और वेंटिलेटर की जरूरत है, लेकिन आगरा में फिलहाल एक तिहाई वेंटिलेटर ही उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेज में वैकल्पिक 12 बेड के आईसीयू की व्यवस्था अतिरिक्त है।

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'कोविड अस्पतालों में अतिरिक्त आईसीयू की व्यवस्था'

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि कोविड अस्पतालों में आईसीयू फुल होने पर अतिरिक्त आईसीयू की व्यवस्था शुरू कर दी है। अभी एसएन में 12 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था है। सरकारी और निजी अस्पताल में बाईपैप और एचएफएनसी मशीन पर्याप्त मात्रा में हैं। सरकारी में 40, दो और निजी अस्पतालों में 20 वेंटिलेटर वाले आईसीयू की व्यवस्था की जा रही है। 

'दो दिन में तैयार हो जाएगा 34 बेड का आईसीयू'

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि दो दिन में 36 बेड का आईसीयू और तैयार हो जाएगा। इसके लिए 34 वेंटिलेटर स्थापित किए जा रहे हैं। इस तरह से 70 बेड का आईसीयू में गंभीर मरीजों का इलाज हो सकेगा। 45 बाईपैप और एचएफएनसी की व्यवस्था भी की गई है। 

'200 बेड के आईसीयू की जरूरत'

आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि एल-थ्री स्तर के मरीजों के लिए वेंटिलेटर बेहद जरूरी है। संक्रमण की दर लगातार बढ़ने से वेंटिलेटर की कमी हो रही है, सरकारी-निजी अस्पतालों में 200 बेड के आईसीयू की जरूरत है। 
 
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200 वेंटिलेटर की व्यवस्था करें

आईएमए उपाध्यक्ष डॉ. सीआर रावत ने कहा कि संक्रमण की दर जिस गति से बढ़ रही है, उससे वेंटिलेटर की कमी महसूस होने लगी है। ऐसे में कम से कम 200 वेंटिलेटर युक्त आईसीयू की व्यवस्था करके चलनी चाहिए, क्योंकि अभी संक्रमण बढ़ने का खतरा दो महीने तक रहने की आशंका है। 

बेड की संख्या
एल-वन : 3650
एल-टू : 380
एल-थ्री : 120

संचालित वेंटिलेटर
30 : वेंटिलेटर निजी अस्पताल
30 : वेंटिलेटर सरकारी अस्पताल

यह की जा रही तैयारी
40 : वेंटिलेटर सरकारी अस्पतालों में
20 : वेंटिलेटर निजी अस्पतालों में
 
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