डर है कहीं लॉकडाउन न लग जाए
कोरोना के नए वैरिएंट का सबसे पहला असर तो पर्यटन पर ही पड़ा है। दो साल से विदेशी पर्यटकों का इंतजार कर रहे थे, पर 15 दिसंबर से फ्लाइट खुलने की जगह फिर बंद हो गईं। भारतीय पर्यटकों के सहारे पर्यटन चला, पर अब फिर डर है कि कहीं लॉकडाउन न लग जाए। - राकेश चौहान, अध्यक्ष, होटल एसो.
विदेशी पर्यटकों का इंतजार हुआ लंबा
कोरोना काल में होटलों के खर्चे नहीं निकले तो बंद कर दिए। उनके ताले ही अब तक नहीं खुल पाए थे कि फिर से कोरोना की दस्तक से डर फैल रहा है। सबसे पहले पर्यटक घूमना बंद करते हैं। इस दहशत का असर 15 दिन बाद ही दिखने लगेगा। उड़ानें बंद होने से फिर विदेशी पर्यटकों का इंतजार लंबा हो गया। - संदीप अरोड़ा, अध्यक्ष एटीडीएफ
अब फिर से वही दहशत
दिवाली के बाद जिस तरह पर्यटन सीजन की शुरूआत हुई, उससे बड़ी उम्मीदें बंधी थीं। 15 दिसंबर से विदेशी उड़ानों का इंतजार था, पर अब फिर वही दहशत रहेगी। लोग जिस तरह से समझ रहे थे कि कोरोना चला गया, वह फिर से उसी डर के कारण घूमना बंद करेंगे। यह डर रहा तो इस साल का पर्यटन अब खत्म। दीपक दान, अध्यक्ष, यूपी टूरिस्ट गाइड एसो.
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