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कमरे में मिला सहकारी समिति के सचिव का शव, पोस्टमार्टम न होने पर भड़के परिजन, डॉक्टर को पीटा

Fri, 03 Jan 2020 05:40 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
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सचिव का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज के अमांपुर में तैनात सहकारी समिति के सचिव की बृहस्पतिवार रात को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उनका शव कमरे में बेड पर मिला। गले में मफलर का फंदा लगा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।  
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम न होने पर आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सक व अन्य स्टाफ के साथ मारपीट कर दी। आपातकाल विभाग में तोड़फोड़ भी की। परिजनों का आरोप है कि सचिव की हत्या हुई है। 

जिला अलीगढ़ के गांव ककेथल निवासी रविंद्र सिंह राघव (56) पुत्र राजेंद्र सिंह राघव सहकारी समिति के सचिव थे। वो अमांपुर के गांव नादरमई में तैनात थे। अमांपुर कोतवाली के समीप वो किराए के मकान में रहते थे। 
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हत्या या आत्महत्या में उलझी मौत की गुत्थी

बृहस्पतिवार की रात अमांपुर में ही उनके रिश्तेदारों ने किसी काम के लिए फोन किया। फोन न उठने पर रिश्तेदार वहां पहुंचे तो देखा कि सचिव के गले में मफलर का फंदा लगा हुआ था और उनकी मौत हो चुकी थी। 

सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस और परिजन पहुंच गए। जिस तरह इंसान सामान्य तौर पर बैठता है, उसी अवस्था में सचिव का शव चारपाई पर मिला। इससे उनकी मौत की गुत्थी हत्या या आत्महत्या में उलझ गई है। 
  
मृतक के बेटे अनिल का आरेप है कि कस्बा अमांपुर के एक व्यक्ति पर पिता के 20 लाख रुपये थे। उन्होंने रुपये वापस नहीं दिए और योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी। वहीं पुलिस इस मामले को आत्महत्या बता रही है।
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अस्पताल में मारपीट और तोड़फोड़

जिला प्रशासन ने रात में ही पैनल से पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक प्रशांत ने पैनल पूरा न होने की बात कहकर पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। इससे परिजन आक्रोशित हो गए।

उन्होंने हंगामा करते हुए चिकित्सक प्रशांत और अन्य स्टाफ को कमरे में बंधक बना दिया और मारपीट की। आपातकाल विभाग का दरवाजा और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। चिकित्सक ने अज्ञातों के खिलाफ तहरीर दी है। 

एसपी सुशील घुले ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला है। सही स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वहीं अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों को सीसीटीवी फुटेज से चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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