चंदन हत्याकांड के दोषी सलीम का शव लेकर कासगंज पहुंची एम्बुलेंस। संवाद
कासगंज। चंदन हत्याकांड में सजा काट रहे सलीम जावेद की लखनऊ के केजीएमयू मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह मधुमेह व गुर्दा रोग से पीड़ित था। उसकी डायलसिस नियमित चल रही थी। मौत की सूचना के बाद परिवार के लोग लखनऊ रवाना हो गए।चंदन हत्याकांड में एनआईए न्यायालय ने सलीम को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह लखनऊ की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उसके दो भाई वसीम व नसीम भी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या तहसील रोड पर गोली मारकर की गई थी। घटनास्थल के पास ही सलीम का घर है। सलीम की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग सदमे में आ गए और चीत्कार मचने लगा। उनके रिश्तेदार भी दिन में ही घर पर पहुचंने लगे। देर शाम तक पोस्टमार्टम के बाद सलीम का शव घर नहीं पहुंचा था। देर रात तक शव पहुंचने की उम्मीद थी। बताया गया कि सलीम मधुमेह व गुर्दा रोग से काफी समय से बीमार चल रहा था। जेल में अस्पताल में भी उसका इलाज होता था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे किंगजॉर्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
21 जुलाई को खत्म हुई थी पेरोल
कासगंज। मुख्य आरोपी पिछले दिनों कुछ समय की पैरोल पर आया था। बताया गया कि वह 21 जुलाई को पेरोल की अवधि खत्म होने पर वापस जेल चला गया था।
पुलिस प्रशासन रहा सतर्क
कासगंज। चंदन गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी की मौत होने की सूचना मिलने के बाद शाम के समय पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। देर शाम उसका शव शहर में पहुंचना था। सीओ आंचल चौहान ने बताया कि पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। किसी तरह की समस्या नहीं है।