फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: मां चामुंडा देवी मंदिर में चढ़ावे पर विवाद...महंत-समिति अध्यक्ष भिड़े, बुलानी पड़ी पुलिस; देखें वीडियो

Tue, 08 Apr 2025 03:36 AM IST
अरुन पाराशर अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

राजामंडी स्थित प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर में चढ़ावे को लेकर महंत और प्रबंध समिति के अध्यक्ष भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस माैके पर पहुंच गई। इसके बाद मामला शांत हो सका। 
विज्ञापन
मंदिर में होती तकरार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में राजामंडी स्थित प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर में सोमवार को वार्षिक मेले के आयोजन से पूर्व महंत और प्रबंध समिति के अध्यक्ष में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि महंत ने पुलिस बुला ली। दोनों पक्षों में काफी देर तक कहासुनी होती रही। इसके बाद प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
विज्ञापन


 

प्रबंध एवं सेवा समिति ने मंदिर में वार्षिक मेले के आयोजन से पूर्व सोमवार को प्रेसवार्ता का आयोजन किया था। इसमें मंदिर के महंत वीरेंद्र आनंद ब्रह्मचारी को नहीं बुलाया गया। महंत ने समिति के अध्यक्ष चौधरी दरब सिंह के समक्ष विरोध जताया। इस पर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। 

 

वह मीडिया के सामने ही एक-दूसरे पर मंदिर के चढ़ावे को हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगाने लगे। मामला बढ़ता देख महंत के फोन पर पुलिस आ गई। मगर, पुलिस भी कुछ नहीं कर सकी। इस वादविवाद के बीच प्रेसवार्ता भी हुई। महंत ने मंच पर ही मीडिया के सवालों के जवाब दिए।

 

मंदिर महंत वीरेंद्र आनंद ब्रह्मचारी ने बताया कि सन 1998 से मंदिर की सेवा कर रहा हूं। मंदिर के सभी विवाद और निर्माण आदि कार्यों को देखता हूं। ऐसे में मंदिर के दानपात्र में जो भी चढ़ावा आता है, वो चौधरी दरब सिंह ले जाते हैं। यहां तक कि मंदिर के जीर्णोद्धार में स्टील की ग्रिल निकली थी, उसे भी उन्होंने अपने घर पर लगा लिया।

 
विज्ञापन

प्रबंध एवं सेवा समिति के अध्यक्ष चौधरी दरब सिंह ने बताया कि समिति वर्ष 2000 से मंदिर से जुड़े कार्यों को देखती आ रही है। महंत को समिति ने मंदिर की सेवा के लिए रखा था, लेकिन महंत मंदिर का स्वामित्व चाहते है। चामुंडा मां पर जो चढ़ावा आता है वो स्वयं रखते है, जो नियम विरुद्ध है। मंदिर के दूसरे महंत सुरेंद्र गिरी ने बताया कि कई सालों से मंदिर में सेवा कर रहा हूं, लेकिन महंत मुझे एक पैसा नहीं देते हैं। मंदिर में भक्तों की ओर से जो चढ़ावा आता है, उसे पूरा स्वयं रखते है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें