परिषदीय स्कूलों की संस्कृत परीक्षा में 'पंडित' शब्द का उपयोग करते हुए पहेली पूछे जाने पर शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है। इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। यह मामला पुलिस भर्ती परीक्षा में जातिगत विकल्प विवाद के बाद सामने आया है, जिसमें 'पंडित' का प्रयोग अवसरवादी अर्थ में करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस के उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में पंडित शब्द के प्रयोग का विवाद अभी खत्म नहीं हुआ कि अब परिषदीय स्कूलों की कक्षा 7 की संस्कृत परीक्षा में एक प्रश्न में इसे लिखे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्न पूछा गया कि बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है परंतु पंडित नहीं है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसको लेकर नाराजगी जताई है।
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संगठन के जिला मंत्री बृजेश दीक्षित ने कहा कि हाल ही में यूपी पुलिस की उप निरीक्षक की परीक्षा में भी इसी शब्द को लेकर ब्राह्मण समाज ने नाराजगी व्यक्त की थी। कहा कि सही उत्तर पत्र है, लेकिन पंडित शब्द का जानबूझकर इस्तेमाल किया गया। प्रश्न में पंडित शब्द का अनावश्यक प्रयोग जानबूझकर किया गया है। प्रकरण की जांच की मांग की। चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो संगठन आंदोलन करेगा।