आगरा। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत अब जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी बसों का संचालन किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को सस्ती और सुविधाजनक परिवहन सेवाएं मिलेंगी जिससे आवागमन सुगम होगा। प्रत्येक खंड में दो बसें चलेंगी जिससे 15 खंडों में कुल 30 बसें संचालित होंगी।
मंगलवार को संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में बैठक हुई। इसमें बस संचालकों को योजना के बारे में जानकारी दी गई। बसों के संचालन से संबंधित कई पहलुओं पर चर्चा की गई। रोडवेज क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि योजना के तहत 15 से 28 सीट वाली निजी बसों को बिना परमिट चलाने की अनुमति होगी। हालांकि, ये बसें दूसरे जिलों में नहीं जा सकेंगी। संचालन के लिए बस स्वामी को प्रतिमाह 1500 रुपये शुल्क देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा आवेदन शुल्क 2000 रुपये और जमानत राशि 5000 रुपये भी देनी होगी। प्रत्येक वाहन संबंधित गांव के दो फेरे लगाएगा। रूट का अंतिम निर्णय जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। वाहनों की अधिकतम आयु आठ वर्ष निर्धारित की गई है। डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा सकती हैं।
इस दाैरान संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अरुण वार्ष्णेय, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन अखिलेश दिवेदी, रोडवेज के सेवा प्रबंधक तुलाराम वर्मा, रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ताज डिपो राजेश यादव और आगरा फोर्ट की सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शशिरानी माैजूद रहीं।