अमर उजाला काव्य ने बीते दिनों आयोजित ''पन्ने से पर्दे तक'' प्रतियोगिता के पांच विजेता घोषित कर दिए गए हैं। विजेताओं को 5,100 रुपये की धनराशि से सम्मानित किया जाएगा। लेखक की स्वीकृति के बाद उनकी कहानियों का सार जल्द ही अमर उजाला काव्य के विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल पर भी प्रसारित किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता के जरिए सिनेमा के क्षेत्र में नए लेखकों को अपना हुनर आजमाने का अवसर प्रदान किया गया। विभिन्न प्रतियोगियों ने फिल्मी पर्दे की पटकथा के लिए अपनी कल्पनाओं की उड़ान भरी। बता दें कि अमर उजाला काव्य लंबे समय से कविता के क्षेत्र में काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत नवोदित कवियों को मंच मुहैया कराता रहा है।
हमारे विभिन्न कार्यक्रमों जैसे- ''काव्य कैफे'', ''वायरल काव्य'' और ''मेरे अल्फाज'' के माध्यम से कई कविता लिखने-पढ़ने की ललक रखने वाले, काव्य चेतना से संपन्न प्रतिभाओं को मौका मिला। हमारे मंच पर आ चुके कई युवा कवि/कवयित्रियों ने अच्छा मुकाम हासिल किया है। इनमें से कई प्रतिभाएं अब विभिन्न काव्य मंचों की पहचान बन चुकी हैं।
कहानी और फिल्म लेखन के क्षेत्र में अमर उजाला काव्य की यह नई पहल थी। इसके अंतर्गत भी नए लेखकों को अपना हुनर दिखाने का मौका प्रदान किया गया। सैकड़ों प्रतिभाओं ने ''पन्ने से पर्दे तक'' प्रतियोगिता में अपनी कहानियां भेजीं, इनमें से पांच विजेताओं का चयन किया गया।
प्रतियोगिता के अंतिम पांच विजेताओं में
1. बरेली उत्तर प्रदेश की कौशिकी,
2. बरेली उत्तर प्रदेश के शाहनवाज
3. रांची झारखंड के हर्षित कच्छप
4. भिवानी हरियाणा के राम मेहर नागल
5. भागलपुर बिहार के निर्जर वृन्द शामिल हैं