आगरा के थाना कमला नगर में 8 अप्रैल को जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट का केस विरोधियों को फंसाने के लिए लिखाया गया था। इसकी साजिश रची गई थी। भाजयुमो की पूर्व पदाधिकारी का एक परिचित साजिश में शामिल था। उसने साथियों के साथ पहुंचकर मारपीट इस तरह की थी कि लोगों को घटना सही लगे। पर, पुलिस की विवेचना में सच सामने आ गया।
एसीपी हरीपर्वत मयंक तिवारी ने बताया कि विवेचना में सामने आया कि कार डीलर अजीम सहित अन्य का अक्तूबर 2022 में भाजयुमो की एक पूर्व पदाधिकारी के साथ विवाद हुआ था। डीलर ने पूर्व पदाधिकारी से उनकी कार का सौदा किया था। उन्होंने रकम ली लेकिन कार नहीं दी। इस पर केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने कार को बरामद किया था। इसी मुकदमे के बाद फर्जी मुकदमे की साजिश की गई, लेकिन इसकी जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया मुकदमे के पीछे यही विवाद सामने आया है।
एसीपी के मुताबिक, भूरी सिंह ने पुलिस को बताया कि मुकदमा लिखाने के लिए ऋषभ राणा ने संपर्क किया था। उसे 12500 रुपये दिए। साजिश के मुताबिक वो घटनास्थल से निकला। ऋषभ अपने तीन-चार साथियों के साथ आया। मारपीट की, जिससे मारपीट की घटना सही समझी जाए। वो शिकायत करने थाने गया। नामजद केस दर्ज करा दिया। ऋषभ भाजयुमो की पूर्व पदाधिकारी का परिचित है। पुलिस अब ऋषभ की तलाश कर रही है, ताकि साजिश में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।