आगरा में एक फर्म के कर्मचारी ने 15 लाख रुपये हड़पने के लिए ऐसी साजिश रची, जिसे जानकर हैरान रह जाएंगे। वो रकम अपने दोस्त को दे आया। इसके बाद बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। पुलिस को बताया कि उसके साथ लूट हुई है।
आगरा के कोतवाली स्थित पुराने बाजार में एक फर्म के कर्मचारी ने 15 लाख रुपये हड़पने के लिए लूट की फर्जी कहानी बनाई। बैंक में जमा करने के लिए रुपये ले जाकर अपने दोस्त को दे आया। इसके बाद बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंची। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में घटना की पुष्टि नहीं हुई। शक होने पर पूछताछ हुई तो उसने सारा सच बोल दिया। पुलिस ने कर्मचारी उसके दोस्त को पकड़ लिया। रुपये की जरूरत होने के कारण वह रकम हड़पना चाहता था।
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मुखर्जी मार्केट, कोतवाली में भूपेंद्र अग्रवाल की आरबी एंड संस के नाम से फर्म है। बुधवार दोपहर करीबन ढाई बजे छत्ता निवासी कर्मचारी विशाल फर्म के 15 लाख रुपये लेकर हींग की मंडी स्थित एचडीएफसी बैंक में जमा करने जा रहा था। वह काफी देर तक वापस नहीं आया। फर्म मालिक ने उसकी तलाश कराई। वह जख्मी हालत में मिला। उसने होश में आने के बाद लूट की जानकारी दी। इस पर पुलिस को बुलाया गया।
कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि मानपाड़ा में बदमाशों ने घेर लिया। सरिया और डंडों से पीटकर कैश लूटकर ले गए। कुछ सुंघा भी दिया, जिससे उसे होश नहीं रहा। होश आने पर शोर मचाया। एसीपी कोतवाली आस्था जायसवाल ने कर्मचारी को इलाज के लिए एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की।
सूचना पर डीसीपी सिटी सोनम कुमार फोर्स के साथ पहुंचे। कर्मचारी ने जिस स्थान की घटना बताई, उस स्थान पर एक टीम को सीसीटीवी फुटेज खंगालने भेजा गया। विशाल ने जो समय और बदमाशों के घायल करने के बारे में बताया था, फुटेज में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया। इस पर कर्मचारी विशाल पर शक हो गया। पुलिस ने जब कई सवाल दागे तो सच सामने आ गया।
रकम हड़पने के लिए बनाई थी योजना
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि विशाल हाल ही में फर्म पर काम करने आया है। फर्म से रुपयों का लेन-देन होता है। इस पर उसकी नियत बिगड़ गई। उसने कहानी बनाकर रकम हड़पने की योजना बनाई। इसी के तहत वह रुपये लेकर निकला। कालिंदी विहार में अपने दोस्त अभिषेक के पास गया। दोस्त के घर पर रकम रख दी। इसके बाद वापस आ गया। अपने साथ लूट के बारे में बता दिया। मगर, उसकी बातों से पुलिस को शक हो गया। मामला खुलने पर देर रात कर्मचारी के साथी को भी पकड़ लिया। उसके घर से 15 लाख रुपये बरामद कर लिए। अब पुलिस मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेजेगी। विशाल का कहना था कि उसे रुपयों की जरूरत थी। इसलिए लूट की कहानी बनाई थी।