यूपीएमआरसी ने एमजी रोड की एक लेन बंद कर अवरोध लगाए हैं। इस वजह से एमजी रोड पर जाम लग रहा है। जरा सी दूरी तय करने में काफी समय लग रहा है। इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दूसरे काॅरिडोर का निर्माण शुरू कर दिया है। इसके लिए एमजी रोड पर नालबंद तक एक लेन बंदकर बैरिकेडिंग कर दी है। इससे रास्ता संकरा हो गया है, इसको चौड़ा नहीं करने से रोजाना लोग जाम से जूझ रहे हैं।
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यूपीएमआरसी का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। ये एलिवेटेड है और इसकी दूरी करीब 15 किलोमीटर है। इसमें 14 स्टेशन हैं। इस कॉरिडोर में पहले चरण में आगरा कॉलेज तक ट्रैक बनेगा। इसके लिए एमजी रोड की एक लेन बंद कर दी है।
बैरिकेडिंग भी लगा दी है। यूपीएमआरसी ने फुटपाथ और डिवाइडर को समतल कर सड़क को चौड़ा नहीं किया है। इससे रोजाना जाम लग रहा है। इसी रोड पर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, लेडी लायल, आगरा कॉलेज समेत कई शैक्षणिक संस्थान भी हैं। जाम लगने से मरीज, विद्यार्थी और वाहन स्वामियों को दिक्कत हो रही है।
इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। आगरा कॉलेज तक एलिवेटेड ट्रैक बनने में 24 महीने लगेंगे। ऐसे में रास्ता चौड़ा न करने पर लोगों को पूरे 2 साल तक जाम झेलना पड़ेगा। यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि फुटपाथ पर कई जगह पेड़ भी हैं, इनको काटा नहीं जा सकता है। ऐसे में जहां रास्ता चौड़ा करने की पर्याप्त जगह है, वहां डिवाइडर और फुटपाथ को हटाने के लिए संबंधित विभागों से अनुमति मांगी है।
जाम से व्यापार भी प्रभावित
भूमिगत मेट्रो संघर्ष समिति के सचिव शिशिर भगत का कहना है कि बैरिकेडिंग कर दी है, लेकिन जाम से बचाने को इंतजाम नहीं किए। इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। भगवान टॉकीज तक एक लेन बंद होगी, इससे हालत और बिगड़ेगी।
एमजी रोड से गुजरना आसान नहीं
दयालबाग निवासी सौरभ चौधरी का कहना है कि एमजी रोड से गुजरना आसान नहीं है। रेंग-रेंग कर वाहन चलते हैं। मरीज और छात्रों को ज्यादा दिक्कत होती है। यूपीएमआरसी से सड़क चौड़ा करवाने के लिए डीएम को ज्ञापन देंगे।