मैनपुरी। चकबंदी कार्यालय में तैनात एक कर्मी की पत्नी ने कुछ दिन पूर्व चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी के विरुद्ध यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में अधिकारी ने न्यायालय के आदेश पर महिला सहित नौ लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें ब्लैकमेल करने, आपराधिक साजिश, धमकी देने के आरोप लगाए हैं। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कलक्ट्रेट स्थित चकबंदी कार्यालय में तैनात बंदोबस्त अधिकारी लालता प्रसाद के विरुद्ध एक कर्मी की पत्नी ने तीन साल तक डरा-धमका कर यौन शोषण करने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि अधिकारी ने पति को नौकरी से निकाले जाने की धमकी दी थी। पुलिस मामले में जांच कर रही है। बृहस्पतिवार को बंदोबस्त अधिकारी ने न्यायालय के आदेश पर आरोप लगाने वाली महिला सहित नौ लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। लालता प्रसाद ने तहरीर में बताया कि वह आवास विकास कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे हैं। दिव्यांग होने के कारण एक कर्मी व उसकी पत्नी ने भोजन आदि की व्यवस्था की। इसके उन्हें कुछ रुपये भी देते थे। कर्मी व उसकी पत्नी ने उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर अश्लील वीडियो और फोटो बना लीं। इसके बाद 50 हजार प्रतिमाह की मांग की। अनावश्यक कार्य करने का दबाव बनाया जाने लगा। मना करने पर वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दी। एटा में तैनात एक चकबंदी लेखपाल से सितंबर 2020 में धमकी दिलवाई गई। उन्होंने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बाद में समझौता हो गया। इसके बाद कार्यालय आकर वर्ष 2021 में और 29 अप्रैल 2022 को घर बुलाकर धमकी दी गई। दबाव न मानने पर उनकी पिटाई की गई। कंप्यूटर ग्राफिक्स के जरिए बनवाए गए फोटो वायरल कर दिए। पुलिस अस्पताल में तैनात एक व्यक्ति महिला का सहयोग कर रहा है। इन्हीं लोगों द्वारा उनके खिलाफ साजिश रची, जिसके चलते छवि धूमिल हुई और मानहानि हो रही है।
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने दंपती समेत नौ लोगों के खिलाफ विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर कोतवाली विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों ओर से मामला दर्ज हो चुका है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।