हर घर में बिजली कनेक्शन देने के लिए शुरू की गई सौभाग्य योजना के नाम पर भी अधिकारियों ने खूब झूठ बोला। तमाम घर छूट गए लेकिन शासन को दी गई रिपोर्ट में दर्शा दिया गया कि हर घर में कनेक्शन देकर मीटर लगा दिया गया। चुनाव के बाद कराए गए सर्वे से खुलासा हुआ है कि 18 लाख घर अभी भी बिजली के इंतजार में हैं, जबकि सौभाग्य योजना खत्म हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश में सौभाग्य योजना 2018 में शुरू की गई थी। इस योजना के अंतर्गत गरीबों के घरों में मुफ्त कनेक्शन का प्रावधान था। बिजली अफसरों को निर्देश दिए गए थे कि वह गांव-गांव मोहल्ले-मोहल्ले में जाकर उन परिवारों को कनेक्शन दें जिनके घरों में बिजली नहीं है।
2019 लोकसभा चुनाव से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसमें बिजली विभाग के अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए शत प्रतिशत कवरेज की रिपोर्ट दी। अब हुए सर्वे में 18 लाख लोग ऐसे मिले हैं जिनके घरों में बिजली नहीं है ।मथुरा जिले में ही ऐसे घरों की संख्या सात से आठ हजार है।
जबकि जौनपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बहराइच, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, कानपुर, झांसी, फतेहपुर, आजमगढ़, बरेली, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बिजनौर, बागपत, हापुड़ मेरठ, सहारनपुर, बुलंदशहर, अलीगढ़ में तमाम लोग कनेक्शन के लिए दौड़ लगा रहे हैं।