पुलिस ने परिवार के कई लोगों को किया था गिरफ्तार
परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चों के साथ मारपीट की। मुकदमा दर्ज करके माता-पिता, पत्नी, भाई और भाभी समेत गिरफ्तार कर लिया। जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद थाने लाए। सभी की पिटाई करने के बाद जेल भेज दिया। थाने पर एसपी सिटी भी आ गए थे।
पंकज के अनुसार, क्षेत्रीय लोगों, विधायकों और सांसद ने उनके हक में आवाज उठाई। इस पर मुकदमे से जानलेवा हमला और सात क्रिमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट की धारा को हटाया। तब उन्हें जमानत मिल सकी। सात मई को अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया। मगर, कोई कार्रवाई नहीं की।
इस पर एसपी सिटी समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ बलवा, गाली-गलौज, धमकी, घर में घुसकर मारपीट और जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज करने के लिए कोर्ट में वाद प्रस्तुत किया है। इसमें एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद, चौकी प्रभारी विनीत राणा, एसआई योगेश कुमार, एसआई नीतू शर्मा, एसआई रोहित आर्य, पुलिसकर्मी प्रियंका यादव और 15-20 अज्ञात पुलिसकर्मी पर आरोप है।