आगरा सदर तहसील की नाक के नीचे पंचकुइयां चौराहे पर 21 लोगों ने करीब 10 करोड़ कीमत की 2200 वर्ग मीटर नजूल भूमि घेर ली। 20 साल तक जिला प्रशासन सोता रहा। सरकारी जमीन पर मकान, दुकान व अन्य निर्माण हो गए। अधिवक्ता की शिकायत पर अफसरों की नींद टूटी। 21 कब्जेदारों के विरुद्ध 10 करोड़ के जुर्माना नोटिस जारी किए हैं।
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शहर में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनों पर कब्जे कर खरीद-फरोख्त का ‘खेल’ चल रहा है। नया खुलासा पंचकुइयां चौराहे से सदर तहसील रोड स्थित कल्याणपुर मौजा चक अव्वल में सामने आया है। जहां तहसील व कलक्ट्रेट अफसरों की लापरवाही से करोड़ रुपये की बेशकीमती नजूल भूमि पर अवैध निर्माण हो गए।
न्यायालय विहित प्राधिकारी एवं एसीएम तृतीय महेंद्र कुमार ने अलग-अलग भूखंडों पर 21 कब्जेदारों के खिलाफ सर्किल रेट के हिसाब से 20 से 50 लाख रुपये तक कुल 10 करोड़ रुपये के जुर्माना वसूली नोटिस पीपी एक्ट की विभिन्न धाराओं में तामील कराए हैं।
अधिवक्ता की शिकायत पर खुली पोल
14 अक्तूबर 2019 को पंचकुइयां चौराहे पर जाम में एंबुलेंस फंस गई थी। वहां से गुजर रहे अधिवक्ता सुरेश चंद सौनी ने आपत्ति जताई। उन्होंने दो कार्यकर्ताओं के साथ वाहन हटवाकर एंबुलेंस को जाम से रास्ता दिलाया। फिर उन्होंने सड़क पर अतिक्रमण व अवैध निर्माण की शिकायत जिलाधिकारी से करते हुए जांच की मांग की। अपर नगर मजिस्ट्रेट की जांच में नजूल भूखंड 798 व 799 में करीब 2200 वर्ग मीटर भूमि पर 21 लोगों के कब्जे की पोल खुली।
10 महीने से फिर हीलाहवाली
दिसंबर 2019 में क्षतिपूर्ति नोटिस जारी होने के बाद दस महीने से फिर कोराना के बहाने हीलाहवाली शुरू हो गई। इसके विरोध में सपोर्ट इंडिया ने नवंबर 2020 में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह को पत्र भेज जल्द कार्रवाई की मांग की।
ध्वस्त होंगे अवैध निर्माण
अवैध निर्माण को ध्वस्त होंगे। न्यायालय की प्रक्रिया प्रचलित है। कोई पक्षकार हाजिर नहीं हुआ है। जल्द अवैध कब्जेधारकों को बेदखल किया जाएगा। - पुष्पराज सिंह, नजूल प्रभारी एवं एडीएम प्रोटोकॉल
कोरोना के कारण हुआ विलंब
क्षतिपूर्ति नोटिस तामील कराए हैं। कोरोना प्रोटोकॉल के कारण कोर्ट नहीं चल रही। जल्द प्रक्रिया पूर्ण कर इनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - महेंद्र कुमार, अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय
ये हैं अवैध कब्जेदार
कब्जेदार में मुन्नी देवी पत्नी श्रीप्रकाश, हजारी लाल पुत्र जसवंत सिंह, महेश चंद पुत्र राम चरन, विष्णु कुमार पुत्र अल्लोमल, जगदीश प्रसाद पुत्र शंकर लाल, जयचंद पुत्र खमानीराम, हीरेंद्र पुत्र श्याम सुंदर, प्रमोद कुमार पुत्र जसवंत सिंह, प्रदीप कुमार पुत्र जसवंत सिंह,विनोद कुमार पुत्र जसवंत सिंह, मनोज कुमार पुत्र वेदप्रकाश, हरिदेवी पत्नी रमेश चंद, माया पत्नी भगवानदास, राजेंद्र कर्दम पुत्र सुंदरलाल, प्रेमचंद पुत्र मूलचंद, सुरेश चंद पुत्र नौरंगीलाल, प्रमोद कुमार पुत्र जसवंत सिंह, नारायनदास पुत्र चंदाबाबू, सीमा वर्मा पत्नी मनोज, मिथलेश पत्नी अरविंद शर्मा, विजय पुत्र प्यारेलाल शामिल हैं।