वृंदावन (मथुरा)। शुक्रवार को खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की टीमों ने लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार कर रहीं कम्युनिटी किचन को डब्ल्यूएचओ के मानकों पर परखा। मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में अधिकृत रूप से 11 कम्युनिटी किचन संचालित हो रहे हैं।
जिला अभिहीत अधिकारी चंदन पांडेय ने बताया कि कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन में जरूरतमंदों को भोजन देने के लिए दो सरकारी और 9 प्राइवेट कम्युनिटी किचन संचालित हो रहे हैं। इनके संदर्भ में डब्ल्यूएचओ ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत मथुरा-वृंदावन में संचालित सभी किचन को देखा गया है।
उपजिलाधिकारी क्रांति शेखर सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवराज सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसएस निरंजन द्वारा उज्जवल ब्रज फाउंडेशन वृंदावन और वात्सल्य ग्राम वृंदावन, बसेरा ग्रुप की अटल्ला चुंगी पर प्रवीण सराफ वृंदावन द्वारा संचालित कम्युनिटी किचन देखे गए। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, शैलेंद्र रावत ने राष्ट्रीय युवा शक्ति राया तथा श्रीनाथजी सेवा महावन में भी टीम ने डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्धारण दिशा निर्देश का पालन करने के निर्देश दिए। एक टीम ने वरुण बेवरेज कम्युनिटी किचन को चेक किया। चंदन पांडेय ने बताया कि कुछ किचन पर सरकारी कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
खास दिशानिर्देश
- सब्जी को गर्म पानी में धुलकर प्रयोग किया जाए।
- बाहर से लाई खाद्य सामग्री को एक दिन बाद प्रयोग में लाएं।
- किचन में कार्यरत वर्कर ग्लब्स एवं मास्क तथा हेड कैप पहनकर कार्य करें।
- भोजन डिलीवरी करने वाले तथा ड्राइवर बाहर किसी व्यक्ति को टच न करें।
- आटा गूंथकर 1 घंटे से अधिक देर तक नहीं रखना चाहिए, संक्रमण की संभावना।
- किचन में डस्टबिन उचित स्थान पर एवं खुलने बंद होने वाली होनी चाहिए।