आगरा में एसएन मेडिकल कालेज के इमरजेंसी में डाक्टर ड्यूटी पर हैं कि नहीं इसकी जांच विशेष कमेटी करेगी। कालेज प्रशासन ने चार विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों को ये जिम्मेदारी दी है। कमेटी खासकर रात में औचक निरीक्षण करेगी और पड़ताल के बाद रिपोर्ट बनाएगी।
इमरजेंसी में मेडिसिन, बाल रोग, सर्जरी, हड्डी रोग के अनुभाग हैं। यहां आने वाले मरीजों ने कई बार रात के समय चिकित्सकों के गायब रहने की शिकायत की है। इनको संज्ञान में लेकर इन चारों विभागों में से एक-एक वरिष्ठ चिकित्सकों की कमेटी बनाई है।
ये कमेटी ड्यूटी चार्ट देखेगी, मौके पर मिले कि नहीं, कितने मरीजों को इलाज किया, इस पर रिपोर्ट बनाई जाएगी। ये रिपोर्ट प्राचार्य और एसआईसी कार्यालय में भेजी जाएगी। एसआईसी डा. अजय अग्रवाल का कहना है कि विभिन्न विभागों के वरिष्ठों से औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है। प्राचार्य और वह खुद भी औचक निरीक्षण कर चिकित्सकीय हाल की पड़ताल करेंगे।
डाक्टर बनेंगे अभिभावक
लावारिस मरीजों के इलाज में लापरवाही न हो, इसके लिए डाक्टर को तीमारदार बनने के लिए निर्देशित किया है। इसमें कई चिकित्सक पीछे हटने की शिकायत भी मिल रहीं हैं।
ऐसे में लावारिस जिस बीमारी से ग्रसित है, उस विभाग के एक चिकित्सक को तीमारदार का जिम्मा निभाना होगा। दरअसल, कई बार लावारिस के तीमारदार न होने पर मरीज इमरजेंसी से चला जाता है, या फिर उसकी कोई जवाबदेही नहीं होती। ऐसे में तीमारदार बनने के बाद उस चिकित्सक को ये जिम्मेदारी निभानी होगी।
इमरजेंसी में आए मरीज-तीमारदार से अभद्रता चिकित्सक के लिए भारी पड़ेगी। उसकी शिकायत मिलने पर विभागाध्यक्ष से रिपोर्ट तलब की जाएगी। लगातार शिकायत आने वाले डाक्टर की रिपोर्ट भी बनाई जाएगी।
दरअसल, इमरजेंसी में सबसे ज्यादा मरीज से मारपीट, झगड़ा या फिर अभद्रता की शिकायत आती रहती हैं। इनकी रोकथाम के लिए ऐसे चिकित्सकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।