आगरा के मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में शुक्रवार को लघु सभागार में मण्डल स्तरीय कर-करेत्तर कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने कई जिलों की खराब प्रगति पर नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए।
वाणिज्यकर के मामले में मंडल के चारों जिलों की प्रगति निर्धारित लक्ष्य से पीछे रही है। स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग में जहां मैनपुरी की वसूली संतोषजनक मिली, वहीं आगरा और फिरोजाबाद लक्ष्य हासिल करने में पीछे रहे। आबकारी मद में आगरा के लगातार दो वर्षों से पीछे रहने पर आयुक्त ने कड़ा रुख दिखाया।
उन्होंने आबकारी लक्ष्य को फिर से निर्धारित कराने के निर्देश दिए। परिवहन मद में आगरा और मथुरा की प्रगति सबसे कम पाई गई, जिस पर आयुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाई। खनिज विभाग में फिरोजाबाद और मैनपुरी की स्थिति निराशाजनक रही। विद्युत विभाग में फिरोजाबाद को छोड़कर अन्य सभी जिलों ने लक्ष्य से अधिक वसूली की है। विधिक माप विभाग में मैनपुरी ने शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर बाजी मारी। बैठक में जिलाधिकारी अरविंद बंगारी, मथुरा के सीपी सिंह, मैनपुरी के अंजनी कुमार सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जीएसटी पंजीकरण में पिछड़े
जीएसटी पंजीकरण और विविध देय की वसूली में भी आगरा और मथुरा का प्रदर्शन खराब रहा। मंडलायुक्त ने चारों जिलों के अपर जिलाधिकारियों (एडीएम) को निर्देश दिए कि वह महीने में कम से कम एक बार जीएसटी विभाग की अनिवार्य रूप से समीक्षा करें।