उदयनाथ बाग (नाथ का बाग) प्रकरण में कब्जे के दौरान तैनाती वाले अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन इनकी कुंडली खंगालने में जुट गया है। तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक की जिम्मेदारी तय करने की तैयारी है। इसके लिए पुराना रिकार्ड निकलवाया जाएगा।
गढ़ी भदौरिया स्थित उदयनाथ बाग की जमीन कब्जाने के मामले में दस लोगों को भू माफिया घोषित किया जा चुका है। जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने इस प्रकरण में प्रशासन द्वारा की गई अब की कार्रवाई के संबंध में शासन को अवगत करा दिया है। मगर, प्रशासन इससे इस मामले की तह तक जाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।
तत्कालीन लेखपाल की भूमिका?
उदयनाथ बाग की जमीन पर वर्ष 2012 में कई बैनामा किए गए। जांच में तत्कालीन लेखपाल का रिकार्ड निकलवाया जा रहा है। उसने इस विवादित जमीन के बैनामा कैसे हो जाने दिए। क्या उसने इस बारे में तब कोई अपनी रिपोर्ट दी थी या नहीं?