मैनपुरी। शहीद मंदिर पर चल रहे 50वें शहीद मेले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुरुबख्श सिंह ढिल्लो की पुण्यतिथि पर रविवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ। मेला संयोजक राज त्रिपाठी ने कहा कि 18 मार्च 1914 को ईरान में जन्मे कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लो आजाद हिंद फौज में बड़े अधिकारी थे।
राज त्रिपाठी ने बताया कि कर्नल प्रेम सहगल, कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लो और मेजर जनरल शाहनवाज खान को मलाया, सिंगापुर और वर्मा में युद्धबंदी बना लिया गया था। कर्नल ढिल्लो पर कोर्ट मार्शल की करवाई हुई। रमेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रेम सहगल, गुरबख्श सिंह और शाहनवाज खान पर देशद्रोह और हत्या के आरोप लगाए गए थे। राजीव गुप्ता ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिलने तक हुए प्रमुख जनांदोलनों में कर्नल ढिल्लो की अहम भूमिका थी। इंद्रपाल सिंह यादव ने बताया कि कर्नल ढिल्लो का निधन छह फरवरी 2006 को ग्वालियर में हुआ हुआ था। उन्हें सन 1998 में भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। गोष्ठी में प्रमोद माहेश्वरी, राजीव गुप्ता, सुरजीत आर्य, प्रमोद पाल, रत्नेश दुबे, सुरजीत शाक्य, राम अवतार गुप्ता, इमरान आदि मौजूद रहे। संचालन राजीव गुप्ता ने किया।