आगरा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 135 रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। अधिकतर पाठ्यक्रमों के नाम और उसके अंतर्गत पढ़ाए जाने वाले शीर्षक ही दिए गए हैं। विषय वस्तु नहीं दी गई है। कॉलेज जो भी पाठ्यक्रम अपने यहां पढ़वाएंगे, उसकी विषय वस्तु की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके लिए जिन कॉलेजों में पहले से रोजगारपरक पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे थे, उनकी मदद ली जा सकती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव कॉलेजों से ही मांगा गया था। करीब 850 कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम के पाठ्यक्रम संचालित हैं। इन सभी कॉलेजों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत रोजगारपरक पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं। इसमें से करीब 15 कॉलेजों की ओर से ही 135 पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव दिया गया। उसी में आंशिक संशोधन के साथ मंजूरी दी गई है। 835 कॉलेजों को इन पाठ्यक्रमों में से ही कुछ को पढ़वाना है। विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक प्रो. संजीव कुमार ने बताया कि कुछ पाठ्यक्रमों के नाम व शीर्षक तो कुछ पाठ्यक्रमों की विषय वस्तु भी वेबसाइट पर अपलोड है। कॉलेज रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को पढ़वाने के लिए दूसरे कॉलेजों से मदद ले सकते हैं। पाठ्यक्रम प्राप्त कर सकते हैं।
वेबसाइट पर जाकर शीर्षक देख सकते हैं
विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.dbrau.org.in पर जाकर नेशनल एजूकेशन पॉलिसी (एनईपी) पर क्लिक करना होगा। इसके बाद सिलेबस एज पर एनईपी का विकल्प मिलेगा। उस पर जाने पर वोकेशनल कोर्स का विकल्प आएगा। कोर्स के नाम पर क्लिक करने पर पीडीएफ आ जाएगी। अधिकतर कॉलेजों ने शीर्षक दिए हैं। वह मिल जाएंगे। कुछ की विषय वस्तु भी है।