पहाड़ों पर भारी बर्फबारी के बाद मैदानों में चल रही उत्तर-पश्चिमी सर्द हवा ने ताजनगरी के लोगों को परेशान कर दिया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे 7.6 पर आ गया। हालांकि पिछले साल 11 जनवरी को यह और कम 5.7 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक तापमान में और कमी आने के आसार जताए हैं। कोहरा छाएगा। लेकिन इस मौसम में जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
चिकित्सकों के पास मरीज शिकायत लेकर आ रहे हैं कि खांस-खांसकर बुरा हाल हो गया है, गले में खराश है, सर्दी लगने से कान भी गुम हो गए हैं। सिर और आंखों में भी दर्द हो रहा है। सर्द हवा चलने से ऐसी परेशानी के मरीज ओपीडी में सबसे ज्यादा आए। दवा देने के साथ डॉक्टर मरीजों को सावधानी बरतने की भी हिदायत दे रहे हैं।
आगरा का एक ऐसा गांव जो 60 साल बाद फिर से सुर्खियों में, अमेरिकी राष्ट्रपति डी.आइजनहॉवर की यादें हुईं ताजा
एसएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को मेडिसिन विभाग में 273 मरीज पहुंचे। विभागाध्यक्ष डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि ठंडी हवा चलने से 180 से अधिक मरीजों को वायरल फीवर, जुकाम-खांसी, सीने में जकड़न की परेशानी मिली। इनको सर्दी से बचने के साथ गुनगुना पानी पीने, भाप लेने और हर्बल चाय, दूध और गर्म तासीर वाला भोजन करने की सलाह दी गई है।
गले में सूजन, नाक में एलर्जी की भी परेशानी
एसएन के ईएनटी रोग विभाग में 108 मरीजों की ओपीडी हुई। विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गले में सूजन, टौंसिल, नाक में एलर्जी के 70 मरीज आए। इनमें बच्चे भी हैं। सर्दी से बचाव के साथ सुबह-शाम नमक के पानी से गरारे करने को भी कहा गया है।
जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने में लगे 30-40 मिनट
जिला अस्पताल में सोमवार को एक बार फिर पर्चा बनवाने में अव्यवस्थाएं रहीं। धक्कामुक्की होने के साथ ही सामाजिक दूरी तक का पालन नहीं हुआ। पर्चा बनवाने में ही लोगों को 30 से 40 मिनट लग गए। सुरक्षा गार्ड ने भी व्यवस्थाएं दुुरुस्त नहीं कराईं। इससे बुजुर्ग मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।