एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में हर रोज बुखार-खांसी और गले में खराश के करीब 250 मरीज अधिक आ रहे हैं। पिछले दस दिन तक करीब 550 मरीज आ रहे थे अब यह संख्या 800 से भी अधिक है। एहतियातन इनकी स्क्रीनिंग कराते हुए 20-30 मरीजों की कोरोना की जांच भी कराई जा रही है।
एसएन की ट्राएज ओपीडी में 10 दिन पहले तक रोजाना लगभग 250 मरीज आते थे, अब यह संख्या 350 को पार कर गई है। इसी तरह जिला अस्पताल की ट्राएज ओपीडी में दस दिन पहले तक 300 मरीज का आंकड़ा बढ़कर अब 450 हो गया है।
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ये मरीज बुखार, गले में खराश, छाती में जकड़न, मांसपेशियों में दर्द, जुकाम, सिर में दर्द की परेशानी बता रहे हैं। यही लक्षण कोरोना वायरस के भी हैं। चिकित्सक इनकी स्क्रीनिंग करते हुए रोजाना 20 से 30 लोगों की कोरोना जांच भी कराते हैं। इसमें से आठ से 12 में कोरोना का संक्रमण भी मिल रहा है।
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि वायरल फीवर का मौसम भी है, इससे ओपीडी में मरीज बढ़ने लगे हैं। कोरोना और वायरल फीवर के लक्षण लगभग समान हैं, ऐसे में स्क्रीनिंग कर केस हिस्ट्री तैयार कर जांच भी करा रहे हैं।
ठंडा पानी न पीएं: डॉ. एसके वर्मा
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि मौसम बदल रहा है, इसमें खासकर सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंडा पानी कतई न पीएं, रेफ्रिजरेटर में रखे खाद्य पदार्थों का भी प्रयोग न करें।
एसी चलाते हैं तो इसका तापमान सामान्य रखें। गुनगुना पानी पीएं और पौष्टिक भोजन करें। बुखार, खांसी और गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द है तो चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें।