उत्तर प्रदेश के आगरा में एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में लंबे अरसे से क्रिकेट प्रशिक्षक नहीं होने से क्रिकेट खिलाड़ी व प्रशिक्षु बिना प्रशिक्षक के ही खेलने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब इस खेल में सबसे अधिक पंजीकृत खिलाड़ी व प्रशिक्षु हैं। नया सत्र एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा है।
हालांकि क्रिकेट इस मामले में पीछे है। करीब तीन साल से प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई। बीते वर्ष एक अंशकालिक प्रशिक्षक की नियुक्ति हुई, लेकिन वह भी मात्र दो महीने ही रहे। उन्होंने पास के जिले में अपना ट्रांसफर करा लिया। तब से क्रिकेट प्रशिक्षु व खिलाड़ी बिना प्रशिक्षक के ही खेलते और स्वत: प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कोविड काल से पहले वर्ष 2019 में विक्रम यादव बतौर अंशकालिक प्रशिक्षक तैनात रहे थे। इसके बाद से क्रिकेट में नियमित प्रशिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। प्रशिक्षुओं का कहना है कि नियमित प्रशिक्षक होना चाहिए। उम्मीद है नए सत्र में उन्हें प्रशिक्षक मिलेगा।
एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में 500 से अधिक क्रिकेट प्रशिक्षु पंजीकृत हैं। हालांकि मंडल के अन्य जिलों में यह संख्या अधिक नहीं है। इनमें मैनपुरी में 48 व फिरोजाबाद में 45 प्रशिक्षु पंजीकृत हैं। वहीं, मथुरा जिले में एक भी प्रशिक्षु पंजीकृत नहीं है।
आगरा। मंडल में मैनपुरी और फिरोजाबाद ऐसे जिले हैं जहां स्थित स्टेडियम में क्रिकेट प्रशिक्षक तैनात हैं। मैनपुरी में विभागीय प्रशिक्षक सुनील कुमार सिंह बतौर तैनात हैं। वहीं, फिरोजाबाद अंशकालिक प्रशिक्षक के रूप में निशांत खरे की तैनात हैं। हालांकि इस मामले में आगरा व मथुरा एक जैसे हैं। इन दोनों जिलों में क्रिकेट प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है।
यह विडंबना ही है जिस खेल में आगरा के सबसे अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेरकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं उसी क्रिकेट के उदीयमान प्रशिक्षुओं के लिए उनके शहर में स्थित स्टेडियम में बीते तीन साल से एक अदद प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हेमलता काला, प्रीति डिमरी के अलावा वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पूनम यादव व दीप्ति शर्मा (दोनों अर्जुन पुरस्कार विजेता) ने क्रिकेट की शुरुआत एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम से की थी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर दीपक चाहर व राहुल चाहर भी इसी शहर से निकले हैं।