आगरा में जननी सुरक्षा योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है। मंगलवार को फतेहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर सीएमओ ने जांच की। इनको देखकर डेटा ऑपरेटर भाग गया। टीम ने उसे चौराहे से पकड़ा। जांच में अभी चार खातों में फर्जीवाड़ा मिला है। दो कर्मचारी कार्य से हटा दिए गए हैं। बुधवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया की जननी सुरक्षा योजना में फर्जीवाड़े की जांच करने के लिए सुबह करीब 11:30 बजे सीएचसी फतेहाबाद पहुंचे। इसकी जानकारी होते ही जननी सुरक्षा योजना का ऑपरेटर गौतमशील भाग गया। कर्मचारियों ने उसे दौड़कर चौराहे से पकड़ा।
पूछताछ में इसने फर्जीवाड़े में एक बाहरी व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी दी है। इसमें कुछ और कर्मचारी और लोगों के शामिल होने की भी आशंका है। इसके लिए बुधवार को थाने में एफआईआर भी कराएंगे। करीब सात घंटे तक खातों के रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें चार में संदिग्ध लेनदेन मिला है। इसमें अधिकतम 45 हजार रूपये का भुगतान हुआ है।
ये खाते किसके हैं, इसकी भी जांच कर रहे हैं। डाटा ऑपरेटर समेत दो कर्मचारियों को अभी कार्य से हटा दिया है। केस दर्ज होने के बाद दोषी साबित होने पर बर्खास्त भी किए जाएंगे।
18 सीएचसी से मांगे गए रिकॉर्ड
सीएमओ ने बताया कि 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थी और भुगतान के रिकार्ड तलब किए गए हैं । इनमें से चार सीएचसी के रिकॉर्ड मिल गए हैं। जिसमें किसी तरह का कोई फर्जीवाड़ा नहीं मिला है। बाकी सीएचसी से रिकॉर्ड आने के बाद जांच की जाएगी।