फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mainpuri By-election 2022: धैर्य से लिया सीएम योगी ने काम, मैनपुरी में एक बार भी नहीं लिया मुलायम का नाम

Sat, 03 Dec 2022 09:56 AM IST
मुकेश कुमार ज्योत्यवेंद्र दुबे, संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

भाजपा नेताओं के भाषण अब तक मुलायम सिंह के इर्द-गिर्द ही केंद्रित रहे हैं, लेकिन शुक्रवार को हुई जनसभा में सीएम योगी ने एक बार फिर मुलायम सिंह का नाम नहीं लिया। विकास के मुद्दों पर सपा को घेरा। 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मैनपुरी में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में शुक्रवार को जनसभा संबोधित करने आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने धैर्य से काम लिया। इस बार उन्होंने मुलायम सिंह यादव का नाम नहीं लिया। अब तक पूरे चुनाव प्रचार के दौरान सपा और भाजपा नेताओं के भाषण मुलायम पर ही केंद्रित रहे हैं, लेकिन सीएम योगी ने मुलायम को किनारे रख विकास के मुद्दों पर सपा की घेराबंदी की। 

विज्ञापन


मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है। राजनीति में मुलायम सिंह के कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके निधन के बाद भी उनकी कर्मभूमि में पूरी राजनीति उन्हीं के इर्द-गिर्द घूम रही है। सपा ने जहां मुलायम की पुत्रवधू डिंपल यादव को मैदान में उतारा है तो वहीं भाजपा ने मुलायम के पुराने शिष्य और कभी सपा के साये में रहे पूर्व सांसद और पूर्व विधायक रघुराज सिंह शाक्य को उतारा है। 

सपा जहां नेताजी को श्रद्धांजलि के रूप में वोट देने की अपील कर रही है तो वहीं भाजपा मुलायम सिंह यादव के आशीर्वाद से चुनाव जीतने की बात कह रही है। चाहे प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य हों या फिर ब्रजेश पाठक दोनों ही मैनपुरी में प्रचार के दौरान नेताजी के सम्मान में कसीदे पढ़ चुके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पहली सभा में मुलायम को दी थी श्रद्धांजलि 

खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने 28 नवंबर को करहल में आयोजित जनसभा में अपने भाषण की शुरुआत मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देते हुए की थी। उन्होंने तो यहां तक कह दिया था कि नेताजी के आशीर्वाद से रामपुर और आजमगढ़ में लोकसभा उपचुनाव जीते हैं और मैनपुरी भी जीतेंगे। इसकी लोगों के बीच चर्चा भी रही कि भाजपा मुलायम कार्ड खेलकर मौके को कैश कराना चाहती है। 

इसका असर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण में नजर आया। उन्होंने धैर्य से काम लेते हुए संबोधन को अंजाम दिया। लगभग 18 मिनट के भाषण के दौरान उन्होंने एक बार भी मुलायम सिंह यादव का जिक्र नहीं किया। लोगों को उम्मीद थी कि सीएम योगी मुलायम पर जरूर बोलेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। ऐसे में कहीं न कहीं सीएम योगी ने मुलायम के नाम का इस्तेमाल न करने का संदेश भी दिया। 

शिवपाल को लेकर भी संयम में रहे सीएम योगी 

28 नवंबर को करहल में जनसभा करने आए सीएम योगी ने चाचा शिवपाल सिंह यादव को पैंडुलम बता दिया था। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि चाचा पैंडुलम नहीं हैं, वे मुख्यमंत्री को ऐसा झूला झुलाएंगे कि पता भी नहीं चलेगा कहां फेंक दिया। माना जा रहा था कि इस बयान पर सीएम योगी की प्रतिक्रिया शुक्रवार की सभा में आ सकती है। लेकिन यहां भी सीएम योगी ने संयम दिखाया और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। 

भाजपा प्रत्याशी ने मुलायम को श्रद्धांजलि देकर किया था नामांकन 

मुलायम के नाम पर वोट हासिल करने की राजनीति कहें या फिर कुछ और लेकिन सच ये है कि भाजपा और सपा दोनों ही दल मुलायम सिंह यादव के नाम पर वोट पाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य ने नामांकन से पहले सैफई में मुलायम सिंह यादव की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की थी। इसके बाद ही वे नामांकन करने आए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें