सीएम साहब, मुफ्त तो हैं, लेकिन नहीं हो रहे एक्सरे
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प्रदेश सरकार ने जिला अस्पताल में निशुल्क एक्सरे की सुविधा शुरू कराई है, लेकिन आगरा में गत 22 फरवरी से एक्सरे नहीं हो रहे। बजट नहीं होने का हवाला देते हुए इसका नोटिस अस्पताल में चस्पा कर दिया गया है। इससे पहले भी कई बार एक्सरे प्लेट न होने का हवाला देकर सुविधा ठप कर दी गई थी। चिकित्सकों के अनुसार हर रोज 90 से 120 मरीजों का एक्सरे करने की जरूरत पड़ती है। सीएमएस प्रमोद कुमार का कहना है कि तीन लाख रुपये का बजट था, जो समाप्त हो गया है। इससे एक्सरे फिल्म खरीद नहीं हो सकी है।
लीगल केस के हो रहे मरीज
आम मरीज के लिए भले ही एक्सरे फिल्म नहीं हो, लेकिन यहां लीगल केस के लिए फिल्म मौजूद है। इसके पीछे भी कमीशन का खेल है। पुलिस और चिकित्सक इसका पैसा कानून की पकड़ में आए आरोपी से लेकर बांट लेते हैं।
‘सुविधा शुल्क’ के एवज में मिल रही है सुविधा
अस्पताल में लाखों रुपये की डिजिटल एक्सरे मशीन लगी है। स्थापना के छह महीने हो गए, लेकिन अभी तक आम मरीज को इसका लाभ नहीं मिला है। सूत्र बताते हैं कि इससे वीआईपी मरीजों का ही एक्सरे किया जाता है। ऐसे मरीज भी लाभान्वित होते हैं, जो इसके एवज में ‘सुविधा शुल्क’ देने में सक्षम हों।
बजट न होने से एक्सरे फिल्म की खरीद नहीं हो पाई। इसके चलते मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। विभागीय स्तर पर इनकी खरीद कराई जाएगी। डा. बीएस यादव, सीएमओ