आगरा के दिल्ली गेट से हरीपर्वत के बीच बनाई जा रही सीएम ग्रिड की रोड में एक बार फिर अनियमितता सामने आई है। मदिया कटरा की ओर से आ रहे भूमिगत नाले के अंदर ठेकेदार फर्म ने पानी की बड़ी पाइपलाइन डाल दी है, जिससे पानी का प्रवाह रुकने और मदिया कटरा, पुष्पांजलि, दिल्ली गेट के क्षेत्रों में जलभराव की आशंका है। क्षेत्र के पार्षद ने नगर आयुक्त से इस पर आपत्ति जताई है और पानी की पाइपलाइन को नाले के अंदर से निकालकर बाहर किनारे से डालने की मांग की है।
भाजपा पार्षद शरद चौहान ने बताया कि सीएम ग्रिड की सड़क के निर्माण कार्य में पानी की लाइन पुराने भूमिगत नाले में डाल दी गई है। दिल्ली गेट स्थित पुलिस बूथ के पास पाइपलाइन के लिए खुदाई की जा रही थी। तब इसमें पुराना नाला नजर आया है। यह बड़ा नाला मानसिक चिकित्सालय रोड से मदिया कटरा होते हुए दिल्ली गेट पुलिस बूथ तक निकला है। यहां से यह भूमिगत होकर सड़क पार करके दूसरी ओर पहुंचता है।
इसी जगह पानी की लाइन को नाले में बिछा दिया गया, जिससे पानी का प्रवाह रुकने का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि अगर नाला बंद कर दिया गया तो कैलाशपुरी, हलवाई की बगीची, मदिया कटरा क्षेत्र में जबरदस्त जलभराव होगा। इस मामले में नगर निगम के चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि पार्षद की शिकायत पर पूरे मामले की जांच की जाएगी। पाइपलाइन व्यवस्थित कराई जाएगी।
100 साल पुराना पेड़ काटने पर हो चुकी है प्राथमिकी
सीएम ग्रिड की दिल्ली गेट से हरीपर्वत और मदिया कटरा तक की सड़क का निर्माण श्रीराम कंस्ट्रक्शन कंपनी करा रही है। अप्रैल से शुरू किए गए निर्माण कार्य में हर पखवाड़े में कोई न कोई अनियमितता मिलती रही है। पहले 100 साल पुराना पेड़ काटने पर फर्म के खिलाफ वन विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं नगर आयुक्त संतोष कुमार के निरीक्षण में खामियां मिलने, धूल उड़ने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।