सोमवार को 100 फीट मार्ग पर बिना चेतावनी बोर्ड और ग्रीन नेट लगाए जेसीबी से खुदाई कर करीब 1000 एमएम व्यास की पाइपलाइन डाली जा रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे खोदकर खुले छोड़ दिए गए हैं। निर्माण कार्य के चलते सड़क के हिस्से भी खोद दिए गए हैं, जिससे मार्ग कच्चे और पथरीले रास्ते में तब्दील हो गया है।
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सीएनजी पंप के पास बिना सुरक्षा इंतजामों के गहरी खुदाई के बीच बच्चे, महिलाएं और अन्य राहगीर गुजरने को मजबूर हैं। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल है। खुदाई के बाद कई स्थानों पर सड़क को दोबारा पक्का नहीं किया गया है, जिससे उड़ी धूल लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच रही है तथा राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासी रवि कुमार और परवेश खान ने बताया कि 100 फीट मार्ग की सड़क पिछले दस वर्षों में दर्जनों बार खोदी जा चुकी है। कई बार लोग गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। बारिश के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या और बढ़ जाती है, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं।