फोटो। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार के साथ बैठक करते नगर निगम कर्मचारी संगठनों के सदस्य। संवाद
आगरा। सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम से मारपीट के आरोप में फंसे मेयर के भतीजे हर्ष की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को नगर निगम में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। वर्कशॉप से कूड़ा कलेक्शन करने वाले वाहन नहीं निकलने दिए। चार घंटे तक 100 वार्डों में सफाई व्यवस्था ठप रही। नगरायुक्त के हस्तक्षेप पर दोपहर बाद कचरा उठान शुरू हो सका।
सुबह डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए वाहन नहीं पहुंचे। सुबह 8 बजे ही सफाई कर्मियों ने वर्कशॉप पर प्रदर्शन किया। कूड़ा कलेक्शन वाहन रोक दिए जिस कारण दोपहर 12 बजे तक गली-मुहल्ले, पॉश कॉलोनियों से लेकर प्रमुख बाजारों में कूड़े-कचरे के ढेर लगे रहे। ढलाबघर कचरे से पट गए। करीब 400 वाहनों ने सुबह काम नहीं किया। रोज शहर में 1500 टन से अधिक कूड़ा निकलता है। 150 से अधिक हाथ गाड़ियां हैं। आंदोलित निगम कर्मियों ने हाथ गाड़ियां भी नहीं चलने दीं। नॉर्थ विजय नगर कॉलोनी में कूड़े का ढेर लग रहे। गुलमोहर कॉलोनी में भी कचरा सड़क पर फैला रहा। नेहरू एनक्लेव, कावेरी और इंद्रापुरम कॉलोनी से कूड़े का उठान हुआ।
चार दिन से जारी है निगम में गतिरोध
- नगर निगम में चार दिन से गतिरोध जारी है। रविवार से कर्मचारी आंदोलित हैं। सहायक नगरायुक्त से मारपीट करने के आरोपी हर्ष की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी नेता श्याम कुमार करुणेश ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि अधिकारी से मारपीट करने की तहरीर के बाद भी पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा। नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने सफाई कर्मियों को समझाया। दोपहर 12 बजे के बाद सफाईकर्मी काम पर लौट आए। वाहनों से डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन शाम 6 बजे तक चला। दोपहर बाद एमएनटी वर्कशॉप से बड़े वाहन कचरा उठाने के लिए निकाले गए। सुबह से ही वर्कशॉप पर कर्मचारियों ने धरना देकर गेट बंद कर दिया था और कोई वाहन कुबेरपुर लैंडफिल साइट के लिए नहीं निकलने दिया। कर्मचारियों ने वर्कशॉप पर आए ड्राइवराें और अन्य कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन कर मेयर के भतीजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
फोटो। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार के साथ बैठक करते नगर निगम कर्मचारी संगठनों के सदस्य। संवाद