जुलाई 2020 में डाले थे फोटो
जगदीशपुरा थाना के प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ सिंह ने बताया कि आठ जुलाई 2020 को छात्र के फोटो एक अन्य फोटो के साथ जोड़कर सोशल मीडिया पर डाल दिए गए। ये अश्लील फोटो देखकर लोगों ने कमेंट किए।
कुछ दिन बाद पीड़ित छात्र को जानकारी हुई। मगर, फोटो को कौन डाल रहा है, यह पता नहीं चल सका था। इस पर छात्र के पिता ने पुलिस से शिकायत की। उधर, पीड़ित तनाव में आ गया। फोटो 15 अगस्त 2020 तक डाले गए थे।
मामले की जांच साइबर क्राइम सेल को सौंपी गई। पुलिस ने आईडी को बंद करा दिया। फोटो भी हटा दिए गए। जिस मोबाइल नंबर से आईडी बनी थी, उसके बारे में जानकारी की गई। इसके बाद पुलिस ने बेलनगंज, जीवनी मंडी निवासी तुषार कुलश्रेष्ठ को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी तुषार कुलश्रेष्ठ पीड़ित छात्र के साथ एक ही कक्षा में पढ़ता है। पीड़ित छात्र के कक्षा में टॉप आने की वजह से मन ही मन चिढ़ता था। इसलिए उसे नीचा दिखाना चाहता था। पुलिस ने आरोपी तुषार कुलश्रेष्ठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके शनिवार को जेल भेज दिया।
पीड़ित छात्र ने छोड़ दी पढ़ाई
पीड़ित छात्र के पिता एक अस्पताल में नौकरी करते हैं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बेटा पढ़ने में काफी तेज है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में अच्छे नंबर से पास हुआ था। सोशल मीडिया पर उसे समलैंगिक दर्शा दिया गया था। इस बारे में कुछ लोगों ने बताया। इससे बेटा तनाव में आ गया। उसने अपनी पढ़ाई छोड़ दी। कॉलेज भी जाना बंद कर दिया। उसका इलाज मनोरोग चिकित्सक से कराया।
आरोपी बोला, मैं प्रथम आना चाहता हूं
पुलिस की पूछताछ में आरोपी तुषार कुलश्रेष्ठ ने बताया कि उसका सहपाठी कक्षा में शिक्षकों के सभी सवालों के जवाब देता था। उसके नंबर भी अच्छे आते थे। कक्षा में प्रथम आने की वजह से उसकी तारीफ होती थी। इस कारण वह उससे चिढ़ने लगा।
आरोपी ने सोचा था कि सोशल मीडिया पर बदनाम होने की वजह से वह पढ़ाई छोड़ देगा। इससे वह कक्षा में प्रथम आ जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाई थी। फेसबुक से पीड़ित का फोटो कापी करके लिया। बाद में एप की मदद से उसकी अश्लील फोटो तैयार की। आरोपी के पिता का पानी का प्लांट है। उसकी हरकत से परिजन भी सन्न रह गए।