केस : 2
रुपये जमा कराए और फोन बंद कर लिया
बिचपुरी निवासी मोहित कुमार इंटरमीडिएट का छात्र हैं। उन्होंने दो महीने पहले दो लाख रुपये की कीमत की बाइक का विज्ञापन ऑनलाइन शापिंग साइट पर देखा। बाइक की कीमत 50 हजार रुपये बताई थी।
मोहित ने कॉल किया तो दूसरी ओर से बताया गया कि वह मथुरा में सेना में हैं। पहाड़ी इलाके में तबादला होने से बाइक बेचना चाहता है। मोहित से कई बार में 1.10 लाख रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद फोन नंबर बंद जाने लगा। रुपये जमा कराने वाले की लोकेशन नूह के एक गांव की आई है।
केस : 3
ट्रांसपोर्ट कंपनी का झांसा देकर ठग लिया
सदर निवासी अनिल कुमार गाजियाबाद की एक कंपनी में कर्मचारी हैं। उन्हें कंपनी का माल बाहर भेजना था। इसके लिए 15 दिन पहले इंटरनेट से एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का नंबर लिया। नंबर पर कॉल करने पर एक व्यक्ति ने उठाया। उसने कहा कि माल कम भाड़े पर पहुंचा दिया जाएगा।
ट्रक भेजने पर एडवांस के रूप में रकम मांगी। कई बार में अनिल से दो लाख रुपये जमा करा लिए गए। कालर की लोकेशन मथुरा और भरतपुर की सीमा के गांव की आई है। इन पीड़ितों ने रेंज साइबर थाना में शिकायत की। पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं।
रिश्तेदार बनकर भी करते हैं फोन
फूफा और जीजा बनकर काल करते हैं। काफी देर तक मोबाइल पर बात करते हैं। इसके बाद कुछ रुपयों की जरूरत होने की बात कहते हैं। जो लोग झांसे में आते हैं, वह रकम जमा कर देते हैं।
फर्जी आईडी पर सिम और आईडी
साइबर थाना के एसआई चेतन भारद्वाज ने बताया कि गांव के बेरोजगार युवा इस काम में लगे हैं। गांव में खेतों और यमुना किनारे पर बैठकर लोगों से कॉल पर बात करते हैं। इस दौरान अलग-अलग तरीके अपनाकर खाते में रकम जमा करा ली जाती है।
कॉल करने के लिए सिम फर्जी आईडी पर ली जाती है। बैंक खाते भी लोगों से किराये पर लिए जाते हैं। इन तीनों जिलों के गांव में साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए राजस्थान और हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त आपरेशन चलाया जा रहा है।