आगरा के शाहगंज क्षेत्र की रामस्वरूप कॉलोनी में 13 साल के किशोर ने खुदकुशी कर ली। गुरुवार रात को उसका शव घर की छत पर टिनशेड के नीचे फंदे से लटका मिला। पुलिस का कहना है कि खुदकुशी का कारण पता नहीं चल सका है। घटना से कुछ देर पहले ही घर में उसके फुफेरे भाई का जन्मदिन मनाया गया था।
रामस्वरूप कॉलोनी निवासी किशोर दो भाइयों में छोटा था। बड़ा 15 साल का है। पिता का कुछ साल पहले देहांत हो चुका है। गुरुवार की शाम को 13 साल का किशोर घर की छत पर चला गया। कुछ समय बाद परिवार के लोग छत पर उसे देखने गए। छत पर पड़ी टिन शेड के एंगल से बंधे फंदे से उसका शरीर लटका था।
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परिवारीजनों में चीखपुकार मच गई। उसे नीचे उतारा। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। परिजन उसे अस्पताल लेकर गए। यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव घर ले आए। इसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली। मगर, किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिजनों ने नहीं दी जानकारी
पुलिस ने खुदकशी का कारण पूछा लेकिन परिजन कुछ बता नहीं सके। उनका कहना था कि उसको किसी ने न तो डांटा था और न ही किसी बात पर कुछ कहा था। उसने आत्महत्या क्यों की? यह किसी को पता नहीं है।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि परिजन कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। दो दिन बाद परिजनों से पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही बालक के आत्महत्या करने का कारण पता चल सकेगा।
पढ़ाई में था काफी होशियार
किशोर कक्षा छह का छात्र था। पढ़ाई में भी काफी होशियार था। वो ऐसा कदम उठा लेगा, किसी ने नहीं सोचा था। जिस समय उसने फांसी लगाई, उस समय घर में उसके बुआ के बेटे का जन्मदिन मनाया जा रहा था।
कॉलोनी में तीन महीने में चार ने की खुदकशी
रामस्वरूप कॉलोनी में तीन महीने में चार लोगों ने खुदकशी की है। कॉलोनी में 10 दिन पहले बीएड कर चुकी मेनका सिसौदिया ने बीएड करने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने पर खुदकशी कर ली थी।
31 मार्च को गोपाल सोनी और उनकी पत्नी प्रिया ने खुदकशी कर ली थी। उनके शव कमरे में फंदे पर लटके मिले थे। उनके खुदकुशी करने का कारण पता नहीं चल सका है। अब किशोर ने आत्महत्या की है।