थाना शाहगंज के एक इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्र ने रविवार को अपने अपहरण की कहानी बनाकर पुलिस में हड़कंप मचा दिया। उससे पूछताछ के बाद सच सामने आया तो यह और भी हैरान करने वाला था।
उसने बताया कि उसने पड़ोसी छात्रा से परेशान होकर यह ड्रामा रचा, वह उस पर दोस्ती का दबाव बना रही थी। उसके दिमाग में यह आइडिया अपराध आधारित धारावाहिक देखकर आया।
छात्र लोहामंडी क्षेत्र का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया, उसकी रविवार सुबह 10 बजे से पंचकुइयां स्थित एक कॉलेज में कंप्यूटर कोर्स में प्रवेश की परीक्षा थी। वह नौ बजे घर से निकला था। जिस छात्रा से वह परेशान है, उसकी भी वहीं परीक्षा थी। उसे लगा कि छात्रा मिलेगी, तो उसे परेशान करेगी।
वह उससे छुटकारा चाहता था, इसलिए परीक्षा देने नहीं गया। उसने 11 बजे पिता को फोन कर कहा, ‘मेरा अपहरण हो गया है, किसी तरह अपहर्ताओं के चंगुल से छूटा हूं, इस वक्त कैंट स्टेशन के पास हूं, आकर ले जाओ’। पिता वहां से लाए और थोड़ी देर बाद उसे लेकर लोहामंडी थाना पहुंचे। यहां भी उसने अपहरण की कहानी दोहराई।
छात्र ने कॉलेज के पास से अपहरण होना बताया। कहा कि ईको स्पोर्ट्स गाड़ी से चार-पांच बदमाश उसे कॉलेज के पास से उठा ले गए थे। उसे कुछ सुंघाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद बुर्का पहना दिया।
यहां से ईदगाह रेलवे स्टेशन पर ले गए, जहां ट्रेन में कुछ लोगों ने अपने साथ बैठा लिया। उसने लघुशंका का बहाना बनाया। वह ट्रेन के पिछले गेट से बाहर आ गया। इसके बाद पैदल रेलवे लाइन के किनारे आगरा कैंट स्टेशन पहुंच गया। एक घर में जाकर मदद मांगी। इसके बाद पिता को फोन किया।
पुलिस ने वहां दुकानों और मकानों पर लगे सीसीटीवी के फुटेज चेक किए तो वह अकेला जाता नजर आया। साफ हो गया कि वह झूठ बोल रहा है। पुलिस ने यही फुटेज छात्र को दिखाए तो वह घबरा गया, उसका झूठ पकड़ा चुका था। उसने कहा, मुझसे गलती हो गई, माफ कर दीजिए।
पुलिस ने प्यार से पूछा, तो सच उगल दिया। बोला, पड़ोस में रहने वाली हमउम्र छात्रा दोस्ती के लिए दबाव बनाती है, कई बार रास्ते में हाथ पकड़ चुकी है, उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। हम दोनों फेसबुक पर हैं, वह उसके फोटो लाइक करती है, उसकी हरकतों के बारे में उसकी रिश्ते की बहन को बताया पर वह नहीं मानी।
परीक्षा केंद्र पर उसके मिलने के डर से वह भाग गया। चार सप्ताह पहले सीरियल में देखा था कि युवती से परेशान युवक घर से भाग गया और अपहरण की कहानी बनाई। इसी से उसे आइडिया आया। उम्मीद थी, पापा डर जाएंगे, उस मोहल्ले को छोड़कर कहीं सेफ कॉलोनी में घर ले लेंगे और छात्रा से पीछा छूट जाएगा।