कक्षा 10 के छात्र ने स्कूल के हॉस्टल में फंदा लगाकर दी जान
-पिता ने लगाया फीस के लिए परेशान करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। शहर के कुरावली रोड स्थित डॉ. किरन सौजिया सीनियर सेकंडरी एजुकेशनल एकेडमी के हॉस्टल में एक छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। जानकारी होने के बाद विद्यालय में मौजूद शिक्षक छात्र को फंदे से उतार कर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। छात्र के परिजन को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे छात्र के पिता रामप्रसाद ने फीस के लिए विद्यालय प्रबंधन पर परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस को इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
थाना औंछा क्षेत्र के गांव नगला देवी के रहने वाले रामप्रसाद का पुत्र शिवम (15) शहर में कुरावली रोड स्थित डॉ. किरन सौजिया एकेडमी में इस वर्ष 10वीं का छात्र था। वह बीते दो सालों से हॉस्टल में रहकर ही पढ़ाई कर रहा था। छुट्टियों में वह हॉस्टल से अपने गांव चला गया था। एक जुलाई को स्कूल खुलने के बाद दोपहर 12 बजे हॉस्टल लौट कर आया और तीसरी मंजिल पर बने अपने कमरे में चला गया। शाम 4 बजे के करीब एक शिक्षक कमरे की ओर गए तो देखा कि छात्र फंदे पर लटका हुआ है तो अफरा तफरी मच गई। आनन फानन छात्र को फंदे से उतारने के बाद जिला अस्पताल लेकर आया गया। वहां चिकित्सकों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की खबर सुनते ही शिक्षकों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। जिला अस्पताल में काफी देर तक छात्र का शव स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। सूचना पर शाम 7 बजे के करीब पिता रामप्रसाद और मां साधना जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्हें स्कूल की ओर से बेटे की तबीयत खराब होने की बात कहते हुए अस्पताल आने के लिए कहा था। अस्पताल में स्ट्रेचर पर बेटे का शव पड़ा देखा तो माता-पिता की चीख निकल गई। पिता रामप्रसाद ने विद्यालय प्रबंधन पर छात्र को फीस के लिए परेशान करने का आरोप लगाया। हालांकि इस संबंध में कोई तहरीर समाचार लिखे जाने तक पुलिस को नहीं दी गई है।
स्कूल संचालक डॉ. अशोक यादव का कहना है कि बच्चा पिछली साल भी हॉस्टल में रहकर ही पढ़ा था। सोमवार को दोपहर में आया था और कुछ देर बाद ही फंदा लगा लिया। किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
पिता बोले, रोता हुआ आया था बेटा
रामप्रसाद ने बताया उन्होंने जून में 30 हजार रुपये जमा कर दिए थे। बाकी फीस के रुपये चार किस्तों में देने की बात हुई थी। सोमवार को जब वह बेटे शिवम को स्कूल छोड़ने आए थे तो वह बाहर ही रुक गए थे। कुछ देर बार शिवम रोता हुआ बाहर आया और कहा कि पापा आपने फीस जमा नहीं की है, स्कूल वाले फीस मांग रहे हैं। इस पर उन्होंने शिवम को समझाकर जल्द ही बाकी फीस जमा करने की बात कही थी। साथ ही ये भी कहा था कि उसे बस पढ़ना है, फीस का इंतजाम वे देख लेंगे। इसके बाद वे घर लौट गए। दो घंटे बाद ही बेटे की तबीयत खराब होने की सूचना विद्यालय से किसी प्रदीप नाम के शख्स ने दी। जब वह आए तो बेटा इस दुनिया से जा चुका था।
छात्र की खुदकुशी को लेकर उठे सवाल
छात्र ने आखिर हॉस्टल में आने के बाद ही खुदकुशी क्यों कि इसको लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। हॉस्टल में इस तरह की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भोगांव के नवोदय में एक छात्रा की संदिग्ध मौत का राज आज तक नहीं खुल सका है। एसआईटी 2 इस मामले में जांच कर रही है। प्रधानाचार्या मामले में जेल भी जा चुकी हैं। किरण सौजिया के 15 वर्षीय छात्र शिवम को अगर कोई परेशानी थी या कोई और वजह थी तो वह घर पर भी खुदकुशी कर सकता था। उसके साथ हॉस्टल आने के कुछ घंटों में ही ऐसा क्या हुआ जो उसने जान दे दी। इन सवालों के जबाव मिलना भी जरूरी है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस को मामले की जानकारी नहीं दी गई थी।