गंजडुंडवारा में पुलिस बल के साथ पैदल मार्च करते पटियाली सीओ राजकुमार पांडेय,प्रभारी निरीक्षक वि
कासगंज। वक्फ बिल लोकसभा में पास हो चुका है। राज्यसभा में भी इस बिल के पास होने के बाद जिले में 376 संपत्तियों से वक्फ का दावा समाप्त हो जाएगा। तीन माह पहले की गई जांच में ये संपत्तियां सरकारी पाई गई। 77 हेक्टेयर से अधिक संपत्ति तीनों तहसीलों में है। जिले में आजादी के बाद से वक्फ संपत्तियों के नाम पर बड़ा खेल हुआ है। सार्वजनिक उपयोग की जमीनें भी वक्फ बोर्डों ने अपने यहां वक्फ के रूप में दर्ज कर ली हैं। शासन ने तीन माह पहले संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पत्र के बाद जिले में भी वक्फ संपत्तियों को लेकर जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद तहसील के अभिलेखों में 497 वक्फ संपत्तियों की जानकारी कराई गई। जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों से रिपोर्ट मांगी। इस कार्य में अल्पसंख्यक विभाग का भी सहयोग लिया गया। वर्तमान में संपत्तियों पर क्या निर्माण हुआ इसकी भी जानकारी मांगी गई। है। इसके बाद तहसील के अधिकारियों व कर्मचारियों ने निरीक्षण भी किया। भौतिक सत्यापन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिले की 376 संपत्तियां तहसीलों में श्रेणी 6/2 में दर्ज है। यह श्रेणी ग्राम सभा की संपत्तियां मानी जाती है। इसका उपयोग सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जाता है। जबकि वक्फ इन संपत्तियों पर अपना दावा करता है। बिल के पास होने के बाद इन संपत्तियों पर वक्फ का दावा नहीं रहेगा। जिलाधिकारी को निर्णय लेने का अधिकार होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शालिनी रंजन का कहना है कि जिले की 497 वक्फ संपत्तियां की जांच की गई। इस जांच में 376 संपत्तियां अभिलेखों में सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज हैं। सरकारी संपत्तियों में निर्माण भी पाए गए हैं। ऐसी संपत्तियों का रकबा 77.39 हेक्टेयर है। अब जो भी निर्देश मिलेंगे उनके अनुसार कार्य किया जाएगा।
वक्फ बिल : दूसरे दिन भी में रहा अलर्ट : वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर दूसरे दिन भी जिलेभर में अलर्ट रहा। पुलिस की टीमें भ्रमणशील रहीं। पुलिस के अधिकारी भी पुलिसबल के साथ जिले के विभिन्न इलाकों में भ्रमण पर निकले। जिले के अलग-अलग संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस ने पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। एएसपी राजेश भारती ने बताया कि पुलिस अलर्ट पर है। जिले में पूरी तरह से शांति है।