'अनामिका' को न्यायालय ले जाती कासगंज पुलिस
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अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी कर रही फर्जी शिक्षिका प्रिया से पूछताछ के बाद सोरों कोतवाली पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने पुलिस अभिरक्षा में आरोपी को जेल भेज दिया है। इधर पुलिस ने कई पहलुओं पर विवेचना आगे बढ़ाई है। शनिवार को गिरफ्तार की गई प्रिया से पहले तो बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरी जानकारी ली उसके बाद सोरों कोतवाली पुलिस ने लंबी पूछताछ की।
रविवार को सोरों कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने आरोपी शिक्षिका को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया। यहां शासकीय अधिवक्ता की ओर से शिक्षा विभाग का पक्ष रखा गया। पुलिस ने दस्तावेज दाखिल किए। उसके बाद सीजेएम न्यायालय (चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट) से शिक्षिका को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस भी शिक्षिका से दी गई जानकारियों के आधार पर विवेचना शुरू की है।
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न्यायालय जाने से पहले रो पड़ी आरोपी
न्यायालय जाने से पहले आरोपी शिक्षिका अपना धैर्य खो बैठी और रोने लगी। वह बार बार पुलिस से छोड़ने की गुहार कर रही थी। पुलिस उसे बार बार ढांढस बंधा रही थी और चुप होने को कह रही थी। महिला पुलिसकर्मी बार बार फर्जी शिक्षिका प्रिया को सांत्वना दे रहे थी और कह रहीं थी कि न्यायालय में सच्चाई बताएं।