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कासगंजः न्यायालय जाने से पहले रो पड़ी 'अनामिका', पुलिस अभिरक्षा में भेजा जेल

Mon, 08 Jun 2020 12:06 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज

सार

अनामिका शुक्ला के नाम से ही इलाहाबाद बैंक में खुला है प्रिया का खाता
 
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'अनामिका' को न्यायालय ले जाती कासगंज पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी कर रही फर्जी शिक्षिका प्रिया से पूछताछ के बाद सोरों कोतवाली पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने पुलिस अभिरक्षा में आरोपी को जेल भेज दिया है। इधर पुलिस ने कई पहलुओं पर विवेचना आगे बढ़ाई है। शनिवार को गिरफ्तार की गई प्रिया से पहले तो बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरी जानकारी ली उसके बाद सोरों कोतवाली पुलिस ने लंबी पूछताछ की।
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रविवार को सोरों कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने आरोपी शिक्षिका को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया। यहां शासकीय अधिवक्ता की ओर से शिक्षा विभाग का पक्ष रखा गया। पुलिस ने दस्तावेज दाखिल किए। उसके बाद सीजेएम न्यायालय (चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट) से शिक्षिका को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस भी शिक्षिका से दी गई जानकारियों के आधार पर विवेचना शुरू की है। 

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न्यायालय जाने से पहले रो पड़ी आरोपी
न्यायालय जाने से पहले आरोपी शिक्षिका अपना धैर्य खो बैठी और रोने लगी। वह बार बार पुलिस से छोड़ने की गुहार कर रही थी। पुलिस उसे बार बार ढांढस बंधा रही थी और चुप होने को कह रही थी। महिला पुलिसकर्मी बार बार फर्जी शिक्षिका प्रिया को सांत्वना दे रहे थी और कह रहीं थी कि न्यायालय में सच्चाई बताएं।

आरोपी शिक्षिका को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से न्यायालय ने उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले की विवेचना की जा रही है। कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक को मामले की विवेचना सौंपी गई है।

अनामिका शुक्ला के नाम से ही इलाहाबाद बैंक में खुला है प्रिया का खाता

फर्जी शिक्षिका प्रिया ने बैंक खाता खुलवाने को भी दस्तावेजों में बड़ा हेरफेर किया। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही बैंक में खाता खुलवाया और वह इलाहाबाद बैंक से मानदेय की धन निकासी करती रही। जालसाजी की हकीकत कुछ दिनों पहले सामने आई तो उसने एक लाख रुपये की धनराशि 3 जून को अपने बैंक खाते से निकाल ली थी।

फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रही प्रिया ने फर्जीदस्तावेजों के आधार पर अपना बैंक खाता इलाहाबाद बैंक में खुलवाया था। यह खाता आधारकार्ड और शिक्षा विभाग के नियुक्ति पत्र के आधार पर खुला। प्रिया का आज तक पेनकार्ड भीे नहीं बना है।
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उसके खाते में पेनकार्ड लगा है। यहां बैंक भी कहीं न कहीं सवालों के घेरों में है कि आखिर बिना पेनकार्ड के केवाईसी की प्रक्रिया कैसे पूरी कर ली और धन निकासी कैसे होती रही। सबसे बड़ी बात 2 जून को जब अनामिका शुक्ला के नाम 25 जिलों में फर्जीवाड़े का प्रकरण सामने आया। उसके बाद 3 जून को प्रिया ने इलाहाबाद बैंक से चैक के माध्यम से 1 लाख रुपये निकाले थे।
 
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